सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल हुए, जिसमें कार के फ्यूल टैंक के आसपास बड़ी संख्या में चीटियां मंडराती हुई नजर आईं। इसके बाद सवाल खड़े होने लगे कि क्या E20 पेट्रोल में मिठास के चलते चींटियों को आकर्षित करता है या इसमें गन्ने का रस मौजूद होता है? एथेनॉल विवाद के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक चैनल से एक्सक्लूसिव बातचीत में E20 पेट्रोल से होने वाले सवालों का जवाब दिया।
केंद्रीय मंत्री ने इस दावे को पूरी तरह से भ्रामक, मनगढ़ंत और फर्जी बताया. उन्होंने साफ किया कि सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल के चलते गाड़ी की टंकी में चींटियां लगने को लेकर जो बातें की जा रही हैं, वो पूरी तरह से गलत हैं। गडकरी ने कहा, ‘सबसे पहले साफ कर देता हूं कि एथेनॉल एल्कोहल है। व्हिस्की, रम की बोतल को जो खोलकर पीते हैं तो क्या उसमें चींटी लगती हैं? व्हिस्की, रम और एथेनॉल तीनों ही एल्कोहल है। आप जिस सोशल मीडिया की बात कर रहे हैं, उनमें कुछ लोग इस तरह के दावे करते हैं, जो गलत हैं।
एथेनॉल को लेकर दावे पर क्या बोले गडकरी?
उन्होंने साफ कहा कि एथेनॉल को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है और उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। गडकरी ने यह भी कहा कि एथेनॉल को लेकर उनके पास आधिकारिक तौर पर कोई शिकायत नहीं की गई है. सोशल मीडिया पर 53 वीडियो जरूर आए हैं, लेकिन इनमें कई भ्रामक जानकारियां फैलाई गई हैं. उन्होंने लोगों से कहा कि अगर किसी को शिकायत है तो उसे मंत्रालय की वेबसाइट पर भेजें. शिकायतों की जांच वह खुद करेंगे।
माइलेज कम होने के सवाल का दिया जवाब
वहीं, एथेनॉल पेट्रोल के चलते माइलेज को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि शहरों में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का माइलेज सामान्य पेट्रोल के बराबर रहता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हाइवे पर माइलेज में कुछ कमी आ सकती है, क्योंकि एथेनॉल की कैलरिक वैल्यू पेट्रोल से कम होती है. उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना तथ्यों के कोई राय न बनाएं।

