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कांटी निगलने वाले बच्चे को डॉ. ने दिया नया जीवन

इंडोस्कोपी से छोटी आंत से निकाली गई 3 इंच लंबी कांटी

✍🏻 जनकपुरधाम से मिश्री लाल मधुकर

सिरहा जिला के मिर्चैया नगरपालिका के भागवतपुर गांव के 11 वर्षीय विशाल पंडित ने खेल-खेल में ऐसी गलती कर दी, जो जानलेवा साबित हो सकती थी। विशाल खेलते समय 3 इंच लंबी कांटी को मुंह में रखे हुए था, जो अनजाने में उसके गले से नीचे उतर गई और छोटी आंत में जाकर फंस गई।

कांटी निगलने के बाद डर की वजह से विशाल ने अपने माता-पिता को इसकी जानकारी नहीं दी। लेकिन जब उसे पेट में तेज़ दर्द, उल्टी, बेचैनी और अपच जैसी परेशानियाँ होने लगीं, तब माता-पिता चिंतित हो गए और उसे पहले स्थानीय चिकित्सक के पास ले गए। दो दिन तक दवा चलने के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ।

स्थिति बिगड़ती देख परिजन उसे मिर्चैया के एक अन्य डॉक्टर के पास ले गए, जहां से उन्हें काठमांडू रेफर कर दिया गया। इसी दौरान एक रिश्तेदार ने उन्हें वरिष्ठ गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉ. रामदेव चौधरी से संपर्क करने की सलाह दी।

सोमवार को जब बच्चे को डॉ. रामदेव चौधरी के पास लाया गया, तो उन्होंने एक्सरे जांच कराई। रिपोर्ट में छोटी आंत में कांटी फंसी साफ दिखाई दी। इसके बाद डॉ. चौधरी ने बिना किसी ऑपरेशन के एंडोस्कोपी विधि से मुंह के रास्ते कांटी को निकालने का फैसला लिया। करीब एक घंटे की कठिन प्रक्रिया के बाद कांटी सफलतापूर्वक बाहर निकाल ली गई और बच्चे को नया जीवन मिला।

विशाल अब पूरी तरह से स्वस्थ है:

गौरतलब है कि इससे पहले भी डॉ. रामदेव चौधरी ने गैस्ट्रो की गंभीर समस्याओं में अद्भुत सफलता पाई है। उन्होंने एक वृद्ध की अन्न नली में फंसी बकरे की हड्डी और एक अन्य व्यक्ति की अन्न नली में फंसे सूअर के मांस को एंडोस्कोपी विधि से निकालकर उनकी जान बचाई थी।

यह घटना बताती है कि बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना आवश्यक है, वहीं विशेषज्ञ डॉक्टरों की भूमिका जीवन रक्षक साबित हो सकती है।

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