लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान से जुड़े विभिन्न भाषाभाषी कार्यकर्ताओं ने एक बयान के जरिए कहा है कि बंगाली आप्रवासी कामगारों के साथ देश के विभिन्न क्षेत्रों में घट रही हाल की घटनाएं गंभीर एवं चिंताजनक हैं और देश की विविधतापूर्ण संस्कृति के लिये खतरा हैं.
पिछले महीने से देश के विभिन्न क्षेत्रों से खबरें आ रही हैं कि, बंगाली कामगारों को टॉर्चर किया जा रहा है, उन्हें मारा-पीटा जा रहा है, गिरफ्तार किया जा रहा है, उन्हें बांग्लादेश भेज दिया जा रहा है. पहचान के सारे दस्तावेज दिखाने के बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया जा रहा है.
उनका कसूर बस इतना है कि वे अपनी मातृभाषा बांग्ला बोलते हैं.
ये घटनाएं मई से जुलाई,2025 तक दिल्ली, ठाणे (महाराष्ट्र), झारसुगुड़ा (ओड़िशा) जैसे भाजपा के कथित डबल इंजन सरकार वाली प्रांतों में घटी हैं.
कुछ दिनों पहले, असम के मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगली जनगणना में अगर किसी ने अपने को बंगाली घोषित किया तो इससे साफ हो जायेगा कि राज्य में कितने बांग्लादेशी हैं.
क्या आज के मोदी शासित नये भारत में अघोषित तौर पर बंगाली होना अपराध बनाया जा रहा है – यह सवाल भारत के हर सचेत नागरिक को उठाना चाहिए.
लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान की तरफ से हम देश के बंगाली भाषी नागरिकों के डिटेंशन और प्रताड़ना के खिलाफ तीव्र प्रतिरोध व्यक्त करते हैं. ये घटनाएं आप्रवासी कामगारों के अधिकारों का उल्लंघन करती हैं, साथ ही भारतीय संविधान द्वारा सुनिश्चित की गये गये मौलिक अधिकार, जैसे कि समानता का अधिकार, जीवन जीने और वैयक्तिक स्वतन्त्रता का अधिकार ,अंतर्राज्यीय आप्रवासियों के सामाजिक सुरक्षा के अधिकारों का भी उल्लंघन है.
हम इन कार्रवाईयों के पीछे छिपे हुए साम्प्रदायिक उद्देश्यों की कड़ी निंदा करते हैं. एक लोकतांत्रिक राष्ट्र में किसी को भी अपनी मातृभाषा बोलने के कारण प्रताड़ित नहीं किया जा सकता.
आनंद कुमार
संयोजक, लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान
मनीषा बनर्जी (बांग्लाभाषी) – कोर समिति, लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान
दीपक धोलकिया (गुजराती भाषी) – कोर समिति, लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान
अनन्त पंडा (उड़िया भाषी)- संयोजक , ओड़िशा समिति, लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान
गोविन्द चव्हाण ( मराठी भाषी) – संयोजक, महाराष्ट्र समिति , लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान
अशोक सोमल (हिमाचल प्रदेश), कोर समिति, लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान
किरण (झारखंड) – सहसंयोजक, राष्ट्रीय कोर, लो.रा.अ.
मणिमाला (दिल्ली ) – सहसंयोजक, राष्ट्रीय कोर, लो. रा. अ.
ज्ञानेंद्र कुमार (महाराष्ट्र)- सहसंयोजक राष्ट्रीय कोर, लो. रा.अ.
शशिशेखर प्रसाद सिंह (दिल्ली) – सहसंयोजक, राष्ट्रीय कोर, लो.रा.अ.
सुशील कुमार (बिहार)- संयोजक, बिहार समिति लो. रा. अ.
शशि शेखर सिंह, सह संयोजक, लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान
लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान : बंद हो बांग्लाभाषियों को अपमानित और प्रताड़ित करना

