कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन खत्म करने के लिए बदला गया है कमिश्नर!
एक रणनीति के तहत उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है सोनम वांगचुक को
नए कमिश्नर अनुराग कुमार 20 से पहले आंदोलन को खत्म खत्म करने के दिया गया टारगेट!
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जगह अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली जंतर मंतर पर आंदोलन कर रहे रहे युवाओं को यह बात समझनी पड़ेगी कि सतीश गोलचा को हटाकर अनुराग कुमार को दिल्ली पुलिस का नया कमिश्नर बनाया ही इसलिए गया है कि मानसून सत्र से पहले इस आंदोलन को समाप्त कराना है। शनिवार और रविवार की रात आंदोलनकारियों के लिए बहुत भारी है। इन दोनों रातों में सुबह के समय आंदोलनकारियों को जंतर मंतर से हटाया जा सकता है। दिल्ली पुलिस ने आंदोलनकारियों से हटने के लिए ऐसे नहीं कहा है ?
दरअसल गत 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जंतर-मंतर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने कहा है कि बिना सहमति के उनके मुँह या नसों के ज़रिए कुछ भी नहीं दिया जाए।
गीतांजलि ने एक्स पर लिखा, ”मैं दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हूँ, जहाँ सोनम वांगचुक को भर्ती कराया गया है। कृपया उन्हें मुँह के ज़रिए या नसों के माध्यम से कोई भी दवा या तरल पदार्थ तब तक न दिया जाए, जब तक मुझसे, उनके परिवार से और पिछले 20 दिनों से उनकी सेहत पर नज़र रख रहे डॉक्टरों से सहमति न ले ली जाए।
गीतांजलि ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, ”हमें बताया जा रहा है कि सोनम के शरीर में पोटैशियम का लेवल कम हो गया है और उनकी जान को ख़तरा है। कल पोटैशियम 4.3 था, जो अब 2.9 हो गया है. यहां के डॉक्टर्स का कहना है इससे उनकी जान को ख़तरा हो सकता है।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से यहां (सफ़दरजंग अस्पताल) लाया गया. इसके बारे में न तो उन्हें बताया गया और न ही मुझे। कल शाम ही सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने उनकी जांच की थी और उनके सभी स्वास्थ्य संकेत सामान्य थे। गीतांजलि ने कहा, “अगर सोनम मार्च में शामिल नहीं हो पाएंगे, तो मैं उनकी जगह मार्च का नेतृत्व करूंगी। यह मार्च सोमवार को पहले से तय योजना के मुताबिक़ होगा। सिर्फ़ इसलिए कि सोनम को ज़बरदस्ती यहां लाया गया है, इसका मतलब यह नहीं कि मार्च को रोका जा सकता है।

