उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर क्राइम टीम ने एक बड़े साइबर ठगी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 करोड़ 20 लाख रुपये की ठगी के आरोपी को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फर्जी पहचान के जरिए खुद को एक कंपनी का उच्चाधिकारी और मैनेजिंग डायरेक्टर बताकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चंद्रकांत मिश्रा के रूप में हुई है। वह पश्चिम बंगाल के महेशतल्ला स्थित ग्रीन फील्ड सिटी का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में पहले ही तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और उनके खिलाफ अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया जा चुका है।
WhatsApp पर फर्जी MD बनकर बनाया जाल
देहरादून में दर्ज मामले के अनुसार, जालसाजों ने खुद को एक कंपनी का उच्चाधिकारी और मैनेजिंग डायरेक्टर बताकर कंपनी के जनरल मैनेजर से WhatsApp के जरिए संपर्क किया। आरोप है कि ठगों ने प्रोजेक्ट के एडवांस पेमेंट और अन्य जरूरी भुगतानों का हवाला देकर धीरे-धीरे जनरल मैनेजर का भरोसा जीत लिया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर कराई गई। जांच में श्याम ट्रेडिंग कंपनी के खाते में भी रकम भेजे जाने की जानकारी सामने आई। फर्जी पहचान और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर ठगों ने करीब 3.20 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया।
तकनीकी जांच से कोलकाता तक पहुंची STF
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने साइबर क्राइम टीम को तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपियों तक पहुंचने के निर्देश दिए। टीम ने डिजिटल ट्रेल, तकनीकी सूचनाओं और मैनुअल इनपुट के आधार पर लगातार जांच की. जांच के दौरान चंद्रकांत मिश्रा के संबंध में पुख्ता सुराग मिले। इसके बाद एसटीएफ की टीम कोलकाता रवाना हुई और आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी के पास से मोबाइल और लैपटॉप बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड और एचपी कंपनी का एक लैपटॉप बरामद किया है। शुरुआती जांच में लैपटॉप से कई कंपनियों और संस्थानों से जुड़े एडिटेबल दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा बैंक लोन के आवेदन, अलग-अलग व्यक्तियों के आधार कार्ड और पैन कार्ड की कॉपियां समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद हुए हैं. एसटीएफ ने बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
तीन आरोपी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और उनके खिलाफ अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया जा चुका है। अब एसटीएफ इस करोड़ों की ठगी से जुड़े बाकी आरोपियों और पूरे साइबर नेटवर्क की तलाश में जुटी है. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

