उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की अदालत ने न्याय व्यवस्था की एक ऐसी नजीर पेश की है, जिसने अपराधियों के दिलों में खौफ पैदा कर दिया है। शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में एकतरफा प्यार की सनक में डेढ़ वर्षीय मासूम आरव की बेरहमी से हत्या करने वाले कसाई विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को जिला जज ने मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई है। इस पूरे मामले में सबसे बड़ी बात यह रही कि वारदात के महज 40 दिनों के भीतर ही अदालत का ऐतिहासिक फैसला आ गया।
पुलिस की सुपरफास्ट कार्रवाई: 6 दिन में चार्जशीट, 13 गवाहियां
इस जघन्य हत्याकांड के बाद फिरोजाबाद पुलिस ने बेहद संवेदनशीलता और तेजी से काम किया। पुलिस ने वारदात के महज 6 दिनों के भीतर अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी थी। पुलिस की इस गंभीर और मजबूत पैरवी के चलते केस का ट्रायल रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ। अदालत में कुल 13 गवाहों की गवाही और पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्यों को पेश किया गया, जिसके आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी पाते हुए मौत की सजा का ऐलान किया।
30 मई को सड़क पर पटक-पटक कर की थी मासूम की हत्या
यह रूह कंपा देने वाली घटना शिकोहाबाद क्षेत्र में बीते 30 मई को घटित हुई थी। पिंकी देवी की पुत्री रति का अपनी ससुराल बदायूं में विवाद चल रहा था, जिसके कारण वह अपने डेढ़ साल के बेटे आरव के साथ मायके में रह रही थी। 30 मई को रति शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में अपनी मां की सहेली के घर आई हुई थी। तभी वहां रति की फुफुआ सास का बेटा विराज उर्फ जितेंद्र पाठक पहुंच गया। आरोपी जितेंद्र पहले से ही रति पर शादी का दबाव बना रहा था, लेकिन रति ने उसे मना कर दिया था।
इसी बात की रंजिश में आरोपी ने मासूम आरव को चॉकलेट दिलाने का बहाना बनाया और घर के बाहर ले गया. इसके बाद उसने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए डेढ़ साल के मासूम को बीच सड़क पर पत्थरों पर पटक-पटक कर मार डाला और फरार हो गया. इसके बाद में पुलिस ने एक मुठभेड़ के दौरान इसे गिरफ्तार किया था। कोर्ट के बाहर भारी पुलिस बल, जज ने माना
‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ मामला
शुक्रवार को जब इस केस में सजा का एलान होना था, तो कोर्ट परिसर के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा. इस फैसले का जनता और पीड़ित परिवार बेहद बेसब्री से इंतजार कर रहा था. जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इसे ‘रैरेस्ट ऑफ रेयर’ (दुर्लभ से दुर्लभतम) मामला मानते हुए हत्यारे जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा सुनाई।

