हाल ही में दलाई लामा ने अपने उत्तराधिकारी के चयन को लेकर एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके उत्तराधिकारी का चयन पारंपरिक तिब्बती बौद्ध पद्धति के अनुसार होगा और इसमें चीन की कोई भूमिका नहीं होगी।
उन्होंने ‘गादेन फोडरंग ट्रस्ट’ को उत्तराधिकारी चुनने की जिम्मेदारी सौंपी। इस बयान से चीन भड़क गया और उसने कहा कि 15वें दलाई लामा का चयन केवल चीनी सरकार की मंजूरी से ही हो सकता है। यह विवाद तिब्बत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को और बढ़ा रहा है।






