Site icon Thenews15.in

यूपी में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सीएम योगी की सख्ती: शहर-शहर चल रहा अभियान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों पर राज्य भर में अवैध घुसपैठियों (खासकर बांग्लादेशी और रोहिंग्या) की पहचान का अभियान तेज हो गया है। चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में फर्जी वोटरों की पहचान के बाद सरकार ने डिटेंशन सेंटर स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस अभियान के तहत शहरों में संदिग्ध व्यक्तियों से फोन नंबर, आधार कार्ड, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज मांगे जा रहे हैं।

 

मुख्य बिंदु

 

लखनऊ में एक्शन: मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर यूपी एटीएस ने लखनऊ नगर निगम से सफाई कर्मियों और कचरा प्रबंधन में लगे मजदूरों का पूरा ब्योरा मांगा है। इन पर दूसरे देशों के नागरिक होने का शक है। महापौर सुषमा खर्कवाल ने भी सहयोग का आश्वासन दिया है।
प्रयागराज और अन्य शहर: प्रयागराज के बाद अब अन्य शहरों में भी SIR सर्वे के साथ पहचान अभियान चल रहा है। मेरठ के डीएम ने डिटेंशन सेंटर के लिए स्थान चिह्नित करने के आदेश दिए हैं।
अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर में सबसे ज्यादा मामले: सीएम योगी ने खुलासा किया कि इन दो जिलों में फर्जी वोटरों की संख्या सबसे अधिक है। मंडलीय समीक्षा बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा हुई।
सीएम की अपील: योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर ‘योगी की पाती’ नाम से एक खुला पत्र जारी किया, जिसमें प्रदेशवासियों से सहयोग मांगा गया है। उन्होंने कहा, “नौकरी देने से पहले पहचान का सत्यापन करें। संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना पुलिस को दें। सुरक्षा ही समृद्धि का आधार है।” सभी नगरीय निकायों को संदिग्ध विदेशी नागरिकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

उद्देश्य

सरकार का लक्ष्य राज्य की सामाजिक शांति, सुरक्षा और संसाधनों के न्यायपूर्ण वितरण को सुनिश्चित करना है। अवैध प्रवासियों पर सार्वजनिक संसाधनों का अनधिकृत बोझ कम करना भी प्राथमिकता है। यह अभियान रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ सघन है, और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की गई है। यह कार्रवाई हाल के दिनों में तेज हुई है, और आगे डिटेंशन सेंटरों की स्थापना से इसे और मजबूत किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।

Exit mobile version