तो क्या देश में बदलाव हो रहा है। सीजेआई के रुख से तो यही लग रहा है। नोएडा के मजिस्ट्रेट ने एक छात्र को नोटिस क्या जारी किया कि सीजेआई भड़क गए। दरअसल कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के मामले में ग्रेटर नोएडा के मजिस्ट्रेट की तरफ से एक छात्र को नोटिस जारी करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है।
एक वकील ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि यह नोटिस पुलिस के अनुरोध पर जारी हुआ था। हालांकि, अब नोटिस को वापस ले लिया गया है, लेकिन इसका जारी होना साफ तौर पर छात्रों को डराने की कोशिश थी। यह 1 सितंबर को आए सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ था, जिसमें छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर में आगे की कार्रवाई रोकी गई थी।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने इस पर सख्त नाराज़गी जताते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। उन्हें बताने दीजिए कि ऐसा क्यों किया गया। सीजेआई ने पूछा कि कार्यकारी मजिस्ट्रेट ऐसा नोटिस कैसे जारी कर सकते हैं, जबकि शीर्ष अदालत पहले ही निर्देश दे चुकी है कि छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमें हैरानी है कि मजिस्ट्रेट नोटिस कैसे जारी कर सकते हैं, जबकि हमने पहले ही किसी भी छात्र के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया है. यह बिल्कुल स्पष्ट आदेश था।

