पश्चिम चम्पारण/चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय सह अस्पताल में विगत दिनों पत्रकारों पर हुए हमले का मैं घोर निंदा करता हूं। उन्होंने कहा कि अब तक इस अस्पताल में मरीज के परिजनों के साथ मारपीट का मामला आए दिन प्रकाश में आता था। लेकिन अब पत्रकारों पर भी हमला हो रहा है तथा पत्रकारों को बंधक बनाया जा रहा है जो सरकार की नाकामी को दर्शाता है। आगे उन्होंने कहा कि बड़े डॉक्टर के सह पर जूनियर डॉक्टर गोलबंद होकर सुनियोजित तरीके से आए दिन मरीजों के परिजनों के साथ मारपीट करते हैं विगत दिनों गर्भवती महिला के मृत्यु के बाद समाचार संकलन करने गए पत्रकारों को बंधक बनाकर उनका मोबाइल छीन लिया गया यही नहीं एक पत्रकार पर सर्जिकल ब्लेड से भी हमला किया गया जिसमें एक पत्रकार बुरी तरह घायल हो गया। लेकिन पुलिस अभी तक इस मामले में कोई प्राथमिक दर्ज नहीं किया है और ना ही कोई कारवाई किया है मामले का लीपापोती की जा रही है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारों पर हमले की जितनी घोषणा की जाए वह कम है। वही आगे उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के लोग इस विषय में मौन है और कुछ बोलने से भी परहेज कर रहे हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
अस्पताल अधीक्षक ने कहा कि मरीज की स्थिति गंभीर थी और उसे बचाने का पूरा प्रयास किया गया। उनका कहना है कि पहले मरीज के रिश्तेदारों ने डॉक्टरों से बदसलूकी की, जिसके बाद मामला बढ़ गया।
स्लग-पत्रकारों पर हुए हमले का चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने की घोर निंदा, सरकार के नाकामी पर उठ रहे हैं सवाल.

