बिहार के दरभंगा जिले में एक विवादास्पद घटना ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। नीतीश कुमार सरकार में BJP कोटे से शहरी विकास एवं निकाय मंत्री जीवेश कुमार मिश्रा पर एक यूट्यूबर की पिटाई और गाली-गलौज करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले को लेकर विपक्षी नेता और RJD के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सोमवार (15 सितंबर 2025) को दरभंगा पहुंचकर पुलिस थाने में FIR दर्ज कराई।
घटना का विवरण
क्या हुआ? रविवार शाम (14 सितंबर 2025) को मंत्री जीवेश मिश्रा जाले विधानसभा क्षेत्र के रामपट्टी गांव में एक परिवार में हुई मौत पर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे थे। वहां स्थानीय यूट्यूबर दलीप कुमार सहनी उर्फ दिवाकर ने गांव की जर्जर सड़कों और अन्य समस्याओं पर सवाल पूछा। आरोप है कि सवाल सुनते ही मंत्री भड़क गए और उन्होंने यूट्यूबर को लाठियों से पीटा, साथ ही मां-बहन की गालियां दीं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
मंत्री का खंडन: जीवेश मिश्रा ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह राजनीतिक साजिश है। उन्होंने दावा किया कि यूट्यूबर ने उकसावे की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने कोई मारपीट नहीं की।
तेजस्वी यादव की भूमिका और बयान
तेजस्वी यादव ने रवाना होने से पहले पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जहां उन्होंने इस घटना को बिहार में व्याप्त “अराजकता” का प्रतीक बताया। उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा: “बिहार सरकार में शहरी विकास एवं निकाय मंत्री जीवेश मिश्रा से अतिपिछड़ा समाज के होनहार निष्पक्ष पत्रकार ने क्षेत्र की जर्जर सड़क संबंधित सवाल किया तो मंत्री ने रात के अंधेरे में पत्रकार को बेरहमी से पीटा और मां-बहन की अभद्र गालियां दी।”
तेजस्वी ने पीएम नरेंद्र मोदी और CM नीतीश कुमार पर निशाना साधा: “पीएम मोदी आज बिहार आ रहे हैं, तो कार्रवाई करेंगे क्या? मां की बात करेंगे, लेकिन अपने मंत्री के हरकत पर जवाब देंगे मोदी जी?” उन्होंने मंत्री पर नकली दवाओं के पुराने आरोपों का भी जिक्र किया और कहा कि BJP अपराधियों को मंत्री बना रही है।
दरभंगा पहुंचने पर तेजस्वी ने यूट्यूबर के साथ थाने जाकर FIR दर्ज कराई। उन्होंने मांग की कि मंत्री पर तत्काल कार्रवाई हो और इस्तीफा लें।
पुलिस और राजनीतिक प्रतिक्रिया
दरभंगा पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अभी तक FIR की कॉपी सार्वजनिक नहीं हुई, लेकिन तेजस्वी के दबाव में कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है।
इस घटना ने बिहार की राजनीति को गर्मा दिया है। RJD ने इसे “लोकतंत्र पर हमला” बताते हुए विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है, जबकि BJP ने इसे विपक्ष का “झूठा प्रचार” करार दिया।
यह मामला बिहार विधानसभा चुनावों से पहले सियासी आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू कर सकता है। अपडेट्स के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें।

