Site icon Thenews15.in

क्या नागरिकता प्रमाण पत्र मांग सकता है चुनाव आयोग ?

भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के पास नागरिकता की जांच करने या नागरिकता का प्रमाण मांगने का सीधा अधिकार नहीं है, क्योंकि यह कार्य गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के अधिकार क्षेत्र में आता है। सुप्रीम कोर्ट ने 11 जुलाई 2025 को बिहार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मामले में स्पष्ट किया कि नागरिकता का निर्धारण गृह मंत्रालय का विशेषाधिकार है, न कि चुनाव आयोग का।

 

चुनाव आयोग के अधिकार और भूमिका मतदाता सूची का सत्यापन:

 

चुनाव आयोग का प्राथमिक कार्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में केवल भारतीय नागरिकों के नाम शामिल हों, जैसा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 में उल्लेखित है।
इसके लिए, आयोग मतदाता सूची के सत्यापन के दौरान कुछ दस्तावेज मांग सकता है, जैसे जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, या माता-पिता का वोटर आईडी (एपिक नंबर), खासकर नए मतदाताओं या 2003 के बाद जन्मे व्यक्तियों के लिए।
हालांकि, यह प्रक्रिया नागरिकता की “जांच” नहीं, बल्कि मतदाता पात्रता का “सत्यापन” मानी जाती है।

Exit mobile version