बलरामपुर, उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण के आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की मधुपुर गांव, उतरौला क्षेत्र में स्थित आलीशान कोठी पर 8 जुलाई 2025 को प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू की। यह कोठी सरकारी जमीन (गाटा संख्या 337/370) पर अवैध अतिक्रमण कर बनाई गई थी, जो नीतू उर्फ नसरीन के नाम दर्ज है। कोठी में छांगुर बाबा अपने सहयोगियों, नवीन रोहरा और नीतू रोहरा के साथ रहता था और यहीं से अवैध धर्मांतरण नेटवर्क संचालित करता था।
प्रशासन ने पहले 15 मई, 26 मई और 6 जून को बेदखली के नोटिस जारी किए थे, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया। 7 जुलाई को पैमाइश के दौरान छांगुर की बहू साबिरा ने विरोध किया, फिर भी 8 जुलाई को सुबह 10:30 बजे तीन बुलडोजरों के साथ कार्रवाई शुरू हुई। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कोठी के अवैध हिस्सों को ध्वस्त किया गया। यह कोठी करीब 3 बीघा जमीन पर 3 करोड़ रुपये की लागत से बनी थी और इसमें सीसीटीवी, बिजली के तार, और 50 से अधिक लोगों के रहने की व्यवस्था थी।
छांगुर बाबा और नीतू उर्फ नसरीन को यूपी एटीएस ने 5 जुलाई को लखनऊ से गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि बाबा ने 100 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध लेन-देन, विदेशी फंडिंग, और 40-50 बार इस्लामिक देशों की यात्राएं की थीं। उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और धर्मांतरण के आरोपों की जांच चल रही है।

