राम नरेश
पटना। ईडी ने एसपी सिंगला कंपनी के बिहार, दिल्ली और हरियाणा स्थित दफ्तरों पर छापेमारी की है। कंपनी पर आरोप है कि उसने घटिया सामग्री से पुलों का निर्माण किया, जिसके कारण वे ध्वस्त हो गए। दूसरी ओर ईडी की टीम आईएएस संजीव हंस से जुड़े मामले में ईडी की ओर से कार्रवाई की जा रही है।
बिहार में ध्वस्त होने वाले पुलों का निर्माण करने वाली विवादित कंपनी के दफ्तर पर आज ईडी की रेड जारी है। यह छापा पटना में बोरिंग रोड और दीघा ऑफिस में की गई है। एसपी सिंगला कंपनी के दिल्ली और हरियाणा स्थित दफ्तर में भी ईडी अधिकारी छापेमारी कर रहे हैं।
सिंगला कंपनी को बिहार में कई बड़े प्रोजेक्ट मिले हैं। जिनमें से भागलपुर खगड़िया अगवानी अप्रोच पुल का काम भी इसी कंपनी को दिया गया था। यह पुल हवा के हल्के से झोंके से ढह गया।
बिहार सरकार की तरफ से इस पुल का मलबा हटाने का काम 15 दिनों में कंप्लीट करने का वादा किया गया था। लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से यह काम अब तक नहीं हो सका है। यह अधिकारी बिहार सरकार में बड़े ओहदे पर हैं।
इसके अलावा सिंगला कंपनी की ओर से बनाया जा रहा एक और पुल सुपौल में भी गिरा। दोनों ही पुल निर्माणाधीन थे। दोनों ही घटिया सामग्री से बनाए जा रहे थे। जिसका नतीजा यह रहा की पुल निर्माण के दौरान ही अपने वजन से ढह गए।
भागलपुर खगड़िया अप्रोच पुल की लागत लगभग 1800 करोड़ पहुंच गई थी। जिसे बढ़ाकर 2300 करोड़ तक ले जाने की कोशिश की जा रही थी। स्कूल का निर्माण 600 करोड रुपए से शुरू हुआ था। जो दोस्त होते तक 1800 करोड रुपए तक पहुंच गया था। बताते चले घोटाले के पुल में सुपौल का कल भी है। जिसकी लागत 1200 करोड़ रुपए थी।
चर्चा इस बात की है कि इसमें बड़े अधिकारी शामिल हैं। जिसकी वजह से बिहार में घटिया पुलों निर्माण की लागत और समय सीमा दोनों बढ़ती चली जा रही है। घटिया सामग्री की वजह से निर्माण के दौरान ही ध्वस्त हो रहे हैं। अब इन पुलों का निर्माण करने वाली कंपनी पर एनफोर्समेंट डिपार्टमेंट की रेड जारी है।
आईएएस अधिकारी संजीव हंस से जुड़े मामले में ईडी कार्रवाई कर रही है। जिसके तार एसपी सिंगला से जुड़ रहे हैं। संजीव हंस बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के एचडी के पद पर रह चुके हैं। एचडी के पद पर रहने के दौरान अवैध लेनदेन की बात सामने आ रही है। इसी चरण में ईडी की टीम एसपी सिंगला के कार्यालय पहुंची है।

