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वक्फ संसोधन कानून पर भी मुस्लिमों की सहानुभूति बटोर ले जाएगी बीजेपी!

चरण सिंह

वक्फ संसोधन कानून पर भले ही एनडीए में घटक दलों जदयू, आरएलडी और टीडीपी के खिलाफ मुस्लिम नेता सड़कों पर उतर गया हैं, भले ही ये दल विपक्ष के निशाने पर हों, जमीयत उलेमा हिन्द के अध्यक्ष अरशद मदनी ने जदयू, आरएलडी, टीडीपी और दूसरे सेकुलर घटक दलों पर विश्वासघात करने का आरोप लगाया हो। पर बीजेपी ने वक्फ संसोधन कानून पर एक सोची समझी रणनीति के तहत दांव चला है। यह बीजेपी की रणनीति है कि कहीं पर मुसलमान  दबी जुबान से तो कहीं पर खुलेआम वक्फ संसोधन कानून का पक्ष ले रहे हैं।
वक्फ संसोधन कानून के माध्यम से केंद्र सरकार उन नेताओं और ब्यूरोक्रेट्स पर शिकंजा कसने जा रहे हैं जिन्होंने वक्फ बोर्ड की जमीन कब्ज़ा रखी है। इस पर बीजेपी ने काम करना शुरू कर दिया है। जानकारी मिल रही है कि उत्तर प्रदेश में माफिया अतीक अहमद के परिवार और करीबियों पर वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर कब्जा कर रखा है। पता चला है कि करीब 71 करोड़ की संपत्तियों पर अतीक अहमद के परिवार और करीबियों का कब्जा है। इन संपत्तियों में कई दुकानें, मकान और बहुमंजिला इमारतें शामिल हैं।
जानकारी तो यहां तक मिल रही है कि वक्फ की जमीन की मिट्टी तक निकलाकर बेची गई है। इन सभी संपत्तियों की जांच उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और मंडलायुक्त प्रयागराज ने की थी। जांच में पाया गया कि प्रयागराज वक्फ बोर्ड के तत्कालीन मुत्तलवी सैयद मोहम्मद अशीयम ने अतीक के परिवार को वक्फ की जमीनों पर कब्जा कराया और पैसे की उगाही की. इसके बाद मुत्तलवी को हटा दिया गया और वक्फ का नया मुत्तलवी नियुक्त कर दिया गया। उधर असदुद्दीन ओवैसी पर आरोप लगाया जा रहा है कि हैदराबाद में उनका अस्पताल वक्फ बोर्ड की जमीन पर बना है। जमीयत उलेमा हिन्द के पास भी वक्फ बोर्ड की जमीन बताई जा रही है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी पर भी वक्फ बोर्ड की जमीन कब्जाने का आरोप है। देशभर में तमाम नेताओं और ब्यूरोक्रेट्स पर वक्फ बोर्ड की जमीन कब्जाने का आरोप है। ऐसे में बीजेपी का प्रयास है कि विपक्ष के दलों को वक्फ बारूद की जमीन कब्जाने का आरोप लगाकर और आम मुसलमानों को वक्फ बोर्ड की ओर से आर्थिक और शैक्षणिक लाभ दिलाकर उन्हें विश्वास में लिया जाए। दरअसल बीजेपी ने अब क्षेत्रीय दलों को खत्म करने की ओर काम करना शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी तो हरियाणा में इनेलो और हरियाणा जनहित पार्टी, दिल्ली में आम आदमी पार्टी के वजूद पर बीजेपी ने खतरा पैदा कर दिया है। उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी तो लगभग खत्म हो ही गई है। आरएलडी भले ही एनडीए में हो पर उसके वजूद भी खतरा मंडरा रहा है। बिहार में जदयू, लोजपा (रामविलास) लोजपा, हम, वीआईपी के वजूद भी खतरा है। इसके बाद बीजेपी आरजेडी से निपटेगी। पंजाब से भी आम आदमी पार्टी को खत्म करने की रणनीति बीजेपी की है। मध्य प्रदेश में भी को क्षेत्रीय दल नहीं बचा है। ऐसे ही राजस्थान में भी है। वहां भी कोई खास क्षेत्रीय दल नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी द्वारा क्षेत्रीय दलों को खत्म करने के अभियान में कांग्रेस उसका पूरा साथ दे रही है।

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