आरसीबी की जीत के जश्न में मची भगदड़ पर बीजेपी ने साधा कर्नाटक सरकार पर निशाना !
TN15
Bengaluru: Footwears lie on the ground outside the Chinnaswamy Stadium following a stampede after a large number of fans gathered for the felicitation of IPL 2025 winning Royal Challengers Bengaluru team, in Bengaluru, Karnataka, Wednesday, June 4, 2025. At least four people were killed and several others suffered injuries in the incident. (PTI Photo)(PTI06_04_2025_000618B)
बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की IPL 2025 जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ में 11 लोगों की मौत और 33 से अधिक के घायल होने की घटना ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार, खासकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर तीखा हमला बोला है। BJP ने आरोप लगाया कि यह “राज्य प्रायोजित लापरवाही” थी, जिसमें भीड़ नियंत्रण के अपर्याप्त इंतजाम और जल्दबाजी में आयोजन के कारण यह हादसा हुआ। BJP नेताओं जैसे संबित पात्रा, तेजस्वी सूर्या और आर. अशोका ने सिद्धारमैया और शिवकुमार पर “सेल्फी और प्रचार के लिए क्रिकेटरों के साथ लाइमलाइट बटोरने” का आरोप लगाया, जबकि लोग मर रहे थे। BJP ने दोनों नेताओं से इस्तीफे की मांग की है, इसे “राज्य प्रायोजित हत्या” तक करार दिया।
दूसरी ओर, सिद्धारमैया ने घटना को “बड़ा हादसा” मानते हुए मृतकों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये के मुआवजे और घायलों के लिए मुफ्त इलाज की घोषणा की। उन्होंने स्वीकार किया कि स्टेडियम की क्षमता 35,000 थी, लेकिन 2-3 लाख लोग जुट गए, जिसे कोई अनुमान नहीं लगा सका। उन्होंने एक मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं, जिसे 15 दिनों में रिपोर्ट देनी है।
डीके शिवकुमार ने माफी मांगी, कहा कि “हमने ऐसी भीड़ की उम्मीद नहीं की थी” और कार्यक्रम को 10 मिनट में समेट दिया गया। उन्होंने BJP पर हादसे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। BJP का कहना है कि सरकार ने पुलिस की अनुमति के बावजूद आयोजन को जबरदस्ती करवाया और सुरक्षा इंतजामों में चूक की। तेजस्वी सूर्या ने इसे “कांग्रेस नेताओं का पारिवारिक आयोजन” करार दिया। इस बीच, कर्नाटक हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई शुरू की है।
यह घटना और इसके बाद का सियासी घमासान दर्शाता है कि सुरक्षा और आयोजन की योजना में बड़ी चूक हुई, जिसे लेकर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं।