चरण सिंह राजपूत
भाजपा के गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में दिल्ली के तीनों नगर निगमों को मिलाकर एक करने का विधेयक ऐसे ही पेश नहीं किया है। दिल्ली नगर निगमों के एकीकरण के पीछे भाजपा की बड़ी रणनीति छिपी हुई है। दरअसल भाजपा ने आम आदमी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री को घेरने के लिए एक खतरनाक चक्रव्यहू की रचना कर दी है। जहां केंद्र सरकार दिल्ली में आम आदमी को घेरने की रणनीति बना रहंी है वहीं पंजाब में भी उसे घेरने की व्यवस्था भी भाजपा ने कर दी है। केंद्र शासित क्षेत्र प्रशासन चंडीगढ़ के कर्मचारियों की सेव शर्तं गृहमंत्री अमित शाह ने केंद्रीय सिविल सेवाओं के अनुरूप करने का ऐलान ऐसे नहीं किया है।

वर्ष 1991 में 69वें संविधान संशोधन अधिनियम के पश्चात् एनसीआर अधिनियम, 1991 ने केंद्र-शासित दिल्ली को औपचारिक रूप से दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की पहचान दी और विधान सभा एवं मंत्री-परिषद से संबंधित संवैधानिक प्रावधान निर्धारित किये।
1993 में पहली विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी से मदन लाल खुराना साहिब सिंह वर्मा और सुषमा स्वराज मुख्यमंत्री रहे तो 1998 में दूसरी विधानसभा में कांग्रेस से शीला दीक्षित मुख्यमंत्री बनी। 2003 में तीसरी विधानसभा में फिर से कांग्रेस से शीला दीक्षित मुख्यमंत्री रहीं। 2008 में चौथी विधानसभा में कांग्रेस से शीला दीक्षित तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं। 2013 में पांचवी विधानसभा में अन्ना आंदोलन के बल पर बनी आम आदमी पार्टी से अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने। 2015 में छठी विधानसभा में आम आदमी पार्टी से फिर अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने। 2020 में सातवीं विधानसभा में आम आदमी पार्टी से हैट्रिक बनाई।
दिल्ली विधानसभा भी खत्म कर सकती है भाजपा!

