प्रदर्शन के बीच चर्चा में आईं!
पटना। बिहार की राजधानी पटना में एक बार फिर बीपीएससी अभ्यर्थियों का जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला। इनकम टैक्स चौराहे से लेकर बीपीएससी ऑफिस तक, पूरे बेली रोड पर अभ्यर्थियों का हुजूम उमड़ पड़ा। उन्होंने आयोग कार्यालय के नीचे बने अंडरपास में घंटों प्रदर्शन किया, जिससे यातायात भी बाधित हो गया। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
इस प्रदर्शन के दौरान सचिवालय डीएसपी डॉ. अनु कुमारी की कार्यशैली चर्चा का विषय बनी रही। शुरुआत से ही उन्होंने मोर्चा संभाल रखा था और लगातार अभ्यर्थियों को शांत करने की कोशिश कर रही थीं।
प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए ‘लेडी सिंघम’ के नाम से मशहूर डीएसपी डॉ. अनु कुमारी जब अभ्यर्थियों के करीब पहुंचीं, तो प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रगान शुरू कर दिया। इस पर डीएसपी खुद सावधान की मुद्रा में खड़ी हो गईं और पूरे राष्ट्रगान के दौरान सम्मानपूर्वक खड़ी रहीं। राष्ट्रगान समाप्त होते ही उन्होंने दोबारा अभ्यर्थियों को समझाने का प्रयास किया। उनकी इस संवेदनशीलता को देखकर कई अभ्यर्थियों ने उन्हें धन्यवाद दिया और सैल्यूट भी किया। डीएसपी डॉ. अनु कुमारी की सूझबूझ और दृढ़ता के चलते आखिरकार बेली रोड को खाली कराया गया।
पटना सचिवालय में डीएसपी के पद पर तैनात डॉ. अनु कुमारी इससे पहले पशु चिकित्सक रह चुकी हैं। वे दानापुर में पशु चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में कार्यरत थीं। उन्होंने 64वीं बीपीएससी परीक्षा पास कर डीएसपी पद हासिल किया। इससे पहले 63वीं बीपीएससी में भी सफलता प्राप्त कर वे वाणिज्य कर विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर कार्यरत थीं।
डॉ. अनु का जन्म जमशेदपुर में हुआ था। उनके पिता सेना में थे और बाद में बैंकिंग सेक्टर में आ गए। उन्होंने रांची से वेटरनरी साइंस की पढ़ाई की और डीआरडीओ, एग्रीकल्चर ऑफिसर, वेटरनरी डॉक्टर और असिस्टेंट कमिश्नर के रूप में सेवाएं दीं। 64वीं बीपीएससी परीक्षा में उनका रैंक 786 था, जिसे उन्होंने इंग्लिश मीडियम से पास किया।
64वीं बीपीएससी परीक्षा के दौरान डॉ. अनु कुमारी न केवल एक वर्किंग प्रोफेशनल थीं, बल्कि एक पांच साल की बेटी की मां भी थीं। उन्होंने महज 5 घंटे की स्मार्ट स्टडी से इस कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त की और एक मिसाल कायम की।

