पटना में छात्रों के आंदोलन के बीच जेडीयू की ओर से दो टूक में जवाब आया है। मंगलवार को जेडीयू नेता राजीव रंजन ने छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर कहा कि इसका कोई तार्किक कारण नहीं है। उन्होंने छात्रों को सुझाव दिया कि वे परीक्षा की तैयारी करें। देश के भविष्य में योगदान दें। जेडीयू नेता राजीव रंजन ने कहा, “जिस मसले के लिए छात्र आंदोलन कर रहे हैं इसका कोई तार्किक कारण मुझे समझ नहीं आ रहा है। जब टीआरई-4 के लिए 32,000 से ज्यादा पदों की रिक्तियां तय हो गईं। दो चरणों में परीक्षा की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा, “पेपर लीक के खिलाफ कठोर कानून बन चुका है. बिहार में पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया जा चुका है। रिपोर्ट पर राज्य सरकार कार्रवाई करेगी। मुझे लगता है कि कोई वजह नहीं है कि छात्र किसी राजनीतिक दल के उकसावे में किसी आंदोलन का हिस्सा बनें. परीक्षा की तैयारी करें। अपना सर्वश्रेष्ठ दें. खुद का भविष्य भी सुधारें और राज्य एवं देश के भविष्य में भी अपना योगदान दें।
बता दें कि मंगलवार पटना में छात्र सीएम आवास का घेराव करने निकले हैं. जेपी गोलंबर से मार्च शुरू हुआ। विभिन्न छात्र संगठनों ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव में पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए, जिसके बाद उन्हें तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में छात्र गांधी मैदान से मार्च निकालकर डाकबंगला चौराहे पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे। इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया. हाथों में तिरंगा लिए प्रदर्शनकारी छात्रों की पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की हुई और उन्होंने डाकबंगला चौराहे पर लगे बैरिकेड तोड़ दिए।
छात्र पिछले कई सप्ताह से पटना के गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में बीपीएससी टीआरई-4 में एक स्तरीय परीक्षा प्रणाली लागू करना, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) की लंबित भर्ती परीक्षाएं आयोजित करना तथा हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों को समान अवसर देना शामिल है. प्रदर्शनकारी छात्रों ने बीपीएससी की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए परीक्षा रद्द करने की भी मांग की।