Commercial LPG Gas Rules: दिल्ली के होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट चलाने वालों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. पिछले कुछ समय से कमर्शियल कुकिंग गैस की किल्लत और सप्लाई में हो रही कटौती ने किचन का बजट और काम दोनों बिगाड़ दिया था. इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने गैस वितरण की पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है. अब गैस सिलेंडरों का बंटवारा किसी रैंडम तरीके से नहीं.
बल्कि आपकी पिछले तीन महीनों की औसत खपत (Average Consumption) के आधार पर होगा. सबसे अच्छी बात यह है कि सरकार ने डेली सप्लाई को 20% से बढ़ाकर सीधा 50% कर दिया है. यानी अब सिलेंडरों की संख्या 1800 से बढ़कर हर दिन 4500 हो जाएगी. सरकार का यह कदम त्योहारों और बढ़ती डिमांड को देखते हुए काफी अहम माना जा रहा है.
सप्लाई में बढ़ोतरी की गई
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया है कि कमर्शियल गैस की सप्लाई को ढाई गुना तक बढ़ा दिया गया है. पहले शहर की औसत खपत का सिर्फ 20% हिस्सा ही मिल पा रहा था. उसे अब बढ़ाकर 50% कर दिया गया है. इसके मेन पॉइंट्स ये हैं:
सप्लाई में भारी बढ़ोतरी करते हुए अब रोजाना 4,500 सिलेंडर मार्केट में उतारे जाएंगे.
तेल कंपनियों में IOCL 58%, BPCL 27% और HPCL 15% की सप्लाई जिम्मेदारी संभालेंगी.
अब पिछले 3 महीनों के औसत खपत डेटा के हिसाब से ही सिलेंडरों का अलॉटमेंट होगा.
रेस्टोरेंट और ढाबों को अब गैस की कमी की वजह से अपनी बुकिंग्स कैंसिल नहीं करनी पड़ेंगी.
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किसे कितना मिलेगा हिस्सा?
नई पॉलिसी के तहत कुल सप्लाई को अलग-अलग सेक्टरों में उनकी जरूरत के हिसाब से बांटा गया है. सबसे बड़ा हिस्सा ‘कैटेगरी 3’ यानी होटल और ढाबों को दिया गया है. इसका पूरा गणित कुछ इस तरह है:
होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा सेक्टर को कुल सप्लाई का सबसे बड़ा 75% हिस्सा दिया गया है.
एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर यानी स्कूल-अस्पतालों के लिए 5% का कोटा सुरक्षित रखा गया है.
कैटरर्स, बैंकॉक और स्पोर्ट्स एकेडमी जैसी सुविधाओं के लिए भी 5-5% का वेटेज तय है.
फार्मा और पैकिंग जैसी छोटी इंडस्ट्रियल यूनिट्स के लिए कुल सप्लाई का 1% हिस्सा रहेगा.
प्रवासी मजदूरों और खास सेक्टरों के लिए प्रोविजन
इस नई गाइडलाइन में प्रवासी मजदूरों (Migrant Labourers) और जरूरी सेवाओं का खास ख्याल रखा गया है. सरकार ने पारदर्शी सिस्टम बनाने के लिए कुछ नए नियम भी जोड़े हैं:
प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले 180 फ्री ट्रेड सिलेंडर डेली अलॉट किए गए हैं.
गैस पाने के लिए अब कंज्यूमर को ऑफिशियल लेटरहेड पर लिखित रिक्वेस्ट देनी होगी.
PNG कनेक्शन का इंतजार कर रहे लोगों को भी सिलेंडर मिलने में कोई दिक्कत नहीं आएगी.
सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि सप्लाई पूरी तरह कंट्रोल में है और लोग अफवाहों से बचें.

