घटना का बैकग्राउंड
क्या हुआ? 26 सितंबर 2025 को जुमे की नमाज के बाद बरेली के इस्लामिया ग्राउंड के पास सैकड़ों प्रदर्शनकारी ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर और बैनर लेकर इकट्ठा हुए। पुलिस ने धारा 163 बीएनएसएस (प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति की जरूरत) के तहत इसे रोका, जिसके बाद पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल हुआ। इससे कई जगह दुकानें जलाई गईं और पुलिसकर्मी घायल हुए।
ट्रिगर: यह कैंपेन कानपुर से शुरू हुआ था, जहां कुछ पोस्टर्स को लेकर विवाद हुआ। तौकीर रजा ने वीडियो के जरिए प्रदर्शन का आह्वान किया, लेकिन प्रशासन ने अनुमति नहीं दी।
प्रभाव: शहर में तनाव फैला, इंटरनेट सेवाएं 29 सितंबर तक निलंबित रहीं। पड़ोसी जिले जैसे बरेली, मऊ, बरबंकी में भी सतर्कता बरती गई।
गिरफ्तारियां: नफीस, उनका बेटा और अन्य
नदीम की भूमिका: पुलिस के अनुसार, नदीम ने व्हाट्सएप पर 55 लोगों को कॉल करके 1,600 की भीड़ जुटाई। वह तौकीर रजा का दाहिना हाथ था और 5 दिनों से प्लानिंग कर रहा था। पहले उसने पुलिस को गुमराह किया कि कोई प्रदर्शन नहीं होगा। उसके बाद भागने की कोशिश में था, लेकिन पकड़ा गया। उसके होटल और मैरिज लॉन को सील कर दिया गया।
बेटे का जिक्र: रिपोर्ट्स में नदीम के बेटे की स्पष्ट गिरफ्तारी का उल्लेख नहीं है, लेकिन IMC के कई युवा सदस्यों और रिश्तेदारों को हिरासत में लिया गया है। अगर यह किसी स्पेसिफिक केस का हिस्सा है, तो स्थानीय FIR में नाम हो सकता है।
कुल गिरफ्तारियां: अब तक 55 से अधिक गिरफ्तार हो चुके हैं (कुछ रिपोर्ट्स में 40-50 का जिक्र, लेकिन लेटेस्ट अपडेट 55+ है)। इसमें तौकीर रजा (27 सितंबर को गिरफ्तार), नदीम, और 7-8 अन्य सहयोगी शामिल हैं। 60+ लोग हिरासत में हैं, और 10-11 FIR दर्ज हैं (2,000+ नामजद और अज्ञात)।
अन्य प्रमुख गिरफ्तार: लियाकत, नदीम के सहयोगी। कई आरोपी मीडिया के सामने माफी मांगते दिखे, कहते हुए कि वे “गुमराह” हो गए।
पुलिस और सरकार की कार्रवाई
NSA की संभावना: सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लगाने पर विचार कर रही है, क्योंकि यह CAA विरोधी प्रदर्शनों जैसी साजिश लग रही है। सुरक्षा उपाय: फ्लैग मार्च, भारी पुलिस तैनाती, और पड़ोसी जिलों में अलर्ट। CM योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी दी: “कोई सिस्टम को बंधक नहीं बना सकता।”

