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Banking crisis may deepen in America : सिलिकॉन वैली के बाद सिग्नेचर बैंक भी बंद

अमेरिका में अब सिग्नेचर बैंक को अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है। दरअसल सिग्नेचर बैंक के पास क्रिप्टोकरेंसी का स्टॉक था और क्रिप्टोकरेंसी में जोखिम को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। देखने की बात यह है कि एक हफ्ते के भीतर वह अमेरिकी बैंक का दूसरा मामला है। यह सब देखकर आशंका व्यक्त की जा रही है कि अमेरिका में बैंकिंग संकट गहरा सकता है।
बैंक की आर्थिक स्थिति को देखते हुए फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ने सिग्नेचर बैंक पर अपना कंट्रोल कर लिया है। देखने की बात यह है कि साल 2022 में बैंक के पास 110.36 अरब डॉलर की संपत्ति थी। क्रिप्टोकरेंसी स्टॉक के हालात को देखते हुए बैंक को कुछ दिनों के लिए बंद करने का फैसला किया गया है। अमेरिकी बैंकों पर मंडरा रहे इस संकट को देखते हुए आज इमरजेंसी बैंक बुलाई गई है।

दरअसल सिलिकॉन वैली बैंक और सिग्नेचर बैंक के हालात का असर दूसरे बैंकों पर ना पड़े इसलिए सोमवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने इमरजेंसी बैठक बुलाई है। बैंकिंग क्राइसिस से निपटने के लिए डिपाजिट इंश्योरेंस कॉरपारेशन और फेडरेशन रिजर्व प्लान तैयार कर रहे हैं।
एफडीआईसी ने एक बयान में कहा कि जमाकर्ताओं की सुरक्षा के लिए सिग्नेचर बैंक की सभी प्रॉपर्टी को ट्रांसफर कर दिया है। दरअसल एक ब्रिज बैंक आमतौर पर चार्टर्ड राष्ट्रीय बैंक होता है जो एफडीआईसी की ओर से नियुक्त किये गये बोर्ड के तहत काम करता है। यह जमा और कुछ दूसरी देनदारियों को मानता है और एक विफल बैंक की कुल प्रॉपर्टीज खरीदता है। सिग्नेचर बैंक की अमेरिका भर में 40 शाखाएं थी। इसकी ब्रांचेज न्यूयार्क, कैलिपोर्नियां और नेवादा में भी थी।

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