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मंच से अशोक चौधरी खूब बरसे

कहा:’चुनाव में अतिपिछड़ा को कैंडिडेट बनाते ही भूमिहार दिल्ली-कलकत्ता भाग जाते हैं’

जहानाबाद। बिहार सरकार में कद्दावर मंत्री अशोक चौधरी जहानाबाद में जात-पात की राजनीति करने वालों पर बेहद नाराज दिखे। अशोक चौधरी ने कहा कि कुछ लोग जात-पात की राजनीति करते हैं। क्या नीतीश कुमार ने ऐसा किया कि जहां भूमिहार का गांव होगा वहां सड़क नहीं बनेगी। लेकिन जब आप अतिपिछड़ा को बनाते हैं तो भूमिहार लोग भाग जाते हैं। कहते हैं हम वोट नहीं देंगे। चुनाव के समय ही दिल्ली-बम्बई भाग गए। आपकी जाति का उम्मीदवार अगर खड़ा है तो आप कहेंगे बढ़िया है। अगर मेरा उम्मीदवार तीन दिन चार दिन आपके दरवाजे नहीं गया तो आप कहेंगे की खराब है। राजनीत करना है तो उसूल के साथ कीजिए। राजनीति करना है ता वजूद के साथ कीजिए। मुद्दों पर कीजिए। जब हमारे नेता ने निर्णय कर लिया तो हमें उस आदमी के साथ स्टैंड करना है, चाहे वह कैसा भी हो।
अशोक चौधरी ने आगे कहा कि निर्णय का विरोध सिंबल बंटने से पहले कर सकते हैं। लेकिन सिंबल बंटने के बाद हम निर्णय का विरोध नहीं कर सकते। आज हमारे नेता ने मुझे मंत्री बनाया कल हटा देगा, तो क्या हम नीतीश कुमार को गाली देने लगेंगे। ऐसे में मेरा क्या वैल्यू रह जाएगा। हमें ऐसे नेता और कार्यकर्ता चाहिए जो सुख और दुख दोनों समय में नीतीश जी के साथ खड़े रहें। हम सभी कार्यकर्ताओं को कहना चाहते हैं कि हम कोई विदेश के नहीं हैं, हम भी जहानाबाद लोकसभा से ही हैं। हम जहानाबाद को नस नस से जानते हैं। मेरे पिताजी 1952 से 1957 में जहानाबाद से विधायक हुए थे। हम भूमिहारों को अच्छी तरह से जानते हैं। मेरी तो बेटी का ब्याह ही भूमिहार परिवार में हुआ है।
अशोक चौधरी ने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, व्यक्तिगत रिश्ते अपनी जगह है और पार्टी में नेता अपनी जगह पर है। जब नेता के साथ हैं तो पूरी शिद्दत और ईमानदारी से रहेंगे। हम प्रयास करेंगे, भले ही वह सफल नहीं हो, लेकिन उसमें ईमानदारी होनी चाहिए। जो लोग कलकत्ता, दिल्ली, मंबई घूम रहे थे वो चाहते हैं कि विधानसभा पहुंच जाएंगे तो यह गलत बात है।
उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश ने कभी जात-पात और धर्म की राजनीति नहीं करते। जहानाबाद की धरती पर कई नरसंहार हुए, नक्सल अपने चरम पर था, लेकिन नीतीश जी ने सब सही किया और आज तक कोई नरसंहर नहीं हुआ। उन्होंने महिलाओं, अति-पिछड़ा और दलितों को आरक्षण देकर समाज का नेतृत्व करने का अवसर दिया। नेता वही होता जो भविष्य की चिंता करता है।

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