Site icon Thenews15.in

अरुण गोविल की मांग: मस्जिदों और मदरसों में CCTV कैमरे लगाने की जरूरत

मेरठ से भाजपा सांसद और अभिनेता अरुण गोविल ने आज (5 दिसंबर 2025) लोकसभा में राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर बहस के दौरान एक विवादास्पद मांग उठाई। उन्होंने कहा कि देशभर में मंदिरों और चर्चों में पहले से ही सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन मस्जिदों और मदरसों में इनकी कमी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रही है। गोविल ने तर्क दिया कि ये जगहें भी बड़े सार्वजनिक स्थल हैं, जहां लाखों लोग इकट्ठा होते हैं, इसलिए इनमें भी निगरानी व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए। उन्होंने इस्लाम के पवित्र स्थल मक्का-मदीना में भी सीसीटीवी लगे होने का हवाला देते हुए कहा कि अगर वहां सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सकती है, तो भारत में क्यों नहीं।

क्या कहा गोविल ने सदन में?

लोकसभा में दिए गए अपने भाषण में गोविल ने जोर देकर कहा: “मस्जिदों और मदरसों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। यह 140 करोड़ लोगों की सुरक्षा का सवाल है।” उनका बयान विंटर सेशन के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा के संदर्भ में आया, जहां वे आतंकवाद और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा पर फोकस कर रहे थे।

प्रतिक्रियाएं और विवाद

समर्थन की आवाजें: भाजपा समर्थक और कुछ मीडिया चैनलों ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कदम बताया। उदाहरण के लिए, ओपइंडिया ने इसे सऊदी अरब के उदाहरण से जोड़कर सकारात्मक कवरेज दिया।
विरोध और व्यंग्य: विपक्षी दलों और सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाते हुए निशाना बनाया। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक यूजर ने व्यंग्य किया कि “अगर सरकार मस्जिद-मदरसों में सीसीटीवी लगा दे तो मुसलमानों का पैसा बच जाएगा, क्योंकि वे खुद ही लगा रहे हैं!” एनडीटीवी इंडिया जैसे चैनलों ने इसे ब्रेकिंग न्यूज के रूप में दिखाया, लेकिन संभावित विवाद पर फोकस किया। मुस्लिम समुदाय की प्रतिक्रिया: कुछ पोस्ट्स में उल्लेख है कि कई मस्जिदों और मदरसों में पहले से ही स्व-निधि से सीसीटीवी लगे हैं, इसलिए यह मांग ‘अनावश्यक हस्तक्षेप’ लग रही है।

Exit mobile version