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आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी

विजयादशमी के पावन अवसर पर राजस्थान के अनूपगढ़ में थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सैनिकों को संबोधित करते हुए पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को सोचना चाहिए कि वह दुनिया के नक्शे पर रहना चाहता है या नहीं, क्योंकि अगले ऑपरेशन (ऑपरेशन सिंदूर 2.0) में भारत संयम नहीं बरतेगा।

 

मुख्य बयान:

 

“पाकिस्तान सोच ले नक्शे पर रहना है या नहीं, ऑपरेशन 2.0 में संयम नहीं बरतेंगे”।
विस्तार से: “इस बार हम ऑपरेशन सिंदूर 1.0 जैसा संयम नहीं रखेंगे। इस बार (ऑपरेशन 2.0) हम कुछ ऐसा करेंगे, जिससे पाकिस्तान को सोचना पड़ेगा कि वह नक्शे पर रहना चाहता है या नहीं।”
“अगर पाकिस्तान नक्शे (भूगोल) पर रहना चाहता है, तो उसे राज्य प्रायोजित आतंकवाद को रोकना होगा।”

यह बयान सीमावर्ती क्षेत्र में भारतीय सेना और बीएसएफ के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान दिया गया, जहां आर्मी चीफ ने ऑपरेशन सिंदूर 1.0 की सफलता का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस ऑपरेशन में 10 में से 9 आतंकी ठिकाने ध्वस्त किए गए थे और कई आतंकी मारे गए थे। इसकी सफलता का श्रेय जवानों और स्थानीय लोगों को दिया, साथ ही पीएम मोदी द्वारा नामकरण और महिलाओं को समर्पित करने का उल्लेख किया।

 

संदर्भ:

 

ऑपरेशन सिंदूर 1.0: यह एक पिछला सैन्य अभियान था, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। सबूत दुनिया को दिखाए गए थे।
ऑपरेशन सिंदूर 2.0: यह संभावित अगला कदम है, जिसमें भारत पहले जैसा संयम नहीं दिखाएगा। आर्मी चीफ ने अग्रिम क्षेत्रों की तैयारियों का जायजा लिया और सैनिकों के मनोबल की सराहना की।

 

 

एक्स (पूर्व ट्विटर) पर प्रतिक्रियाएं:

 

 

इंडिया टीवी ने वीडियो शेयर कर कहा: “ऑपरेशन 2.0 में संयम नहीं बरतेंगे, अगली बार पाकिस्तान का भूगोल बदल देंगे।”
अन्य यूजर्स ने इसे भारत की सख्ती का संकेत बताया, जैसे: “अगर आर्मी चीफ ने ऐसा बयान दिया है तो साफ है कि इस बार भारत का रुख पहले से कहीं ज्यादा सख्त है। क्या ऑपरेशन सिंदूर 2.0 पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा झटका साबित होगा?”
एक पोस्ट में: “ऑपरेशन सिंदूर 2.0 — संयम खत्म। आर्मी चीफ का साफ अलर्ट: अगली कार्रवाई इतनी बड़ी होगी कि पाकिस्तान को दुनिया के नक्शे पर अपनी जगह तलाशनी पड़ेगी।”

यह बयान भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच आया है, जहां सेना ने सीमा सुरक्षा और संयुक्त समन्वय पर जोर दिया। राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा के प्रति दृढ़ संकल्प दोहराया गया।

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