अचानक आए गालियों के प्रचलन ने बड़ों के लिहाज को कर दिया है दरकिनार
जंतर मंतर पर गालियों की बड़ी वजह सरकार के प्रति अत्यधिक गुस्सा और युवाओं पर वेब सीरीज में परोसी जा रही गालियों का असर
ऑन द कैमरा दी जाने लगी हैं ऑफ़ द कैमरा दी जाने वाली गालियां!
आज की तारीख में दिल्ली जंतर मंतर पर हुए सीजेपी आंदोलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी गई गलियां और उसके बाद प्रधानमंत्री द्वारा माफ़ करने के लिए पोस्ट की वीडियो चर्चा का विषय बानी हुई है। खुद प्रधानमंत्री ने गालियों की वजह से लोगों के नाराज होने की बात कही है। प्रधानमंत्री का मानना है कि यह सब उकसावे की वजह से हुआ। वह यह तो कह रहे हैं कि उनको दी जाने वाली गालियों की वजह से देश में गुस्सा है पर सरकार की तानाशाही और विफलता और दमनात्मक नीति के चलते लोगों में गुस्सा मानने को वह तैयार नहीं।
दरअसल जंतर मंतर पर प्रधानमंत्री को दी गई गालियों की तह में जाने की जरूरत है। आखिर इस तरह की गालियां क्यों दी गई ? यह बात सरकार कर उसके समर्थकों को समझने की जरूरत है। इस तरह के आंदोलन और गालियां देने की एक बड़ी वजह यह भी है कि सरकार जनता की भावनाओं की कोई कद्र नहीं कर रही थी। सरकार के खिलाफ उठने वाली आवाज को डंडे और बंदूक के दम पर दबाया जा रहा था। लोगों में डर का माहौल बना रखा था। पीएम मोदी को उनके समर्थक अवतार और भगवान समझने लगे थे। मोदी का विरोध देश का विरोध मानने लगे थे। रोजगार पर कोई बात करने को तैयार नहीं था। मोदी है तो मुमकिन के नारे लगाए जा रहे थे। सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही थी पर मीडिया और दूसरी एजेंसियों के माध्यम से ऐसा प्रदर्शित कराया जा रहा था कि जैसे सब कुछ ठीक चल रहा है।

