बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हालिया मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में काफी हलचल मचा दी है। 18 सितंबर 2025 को पटना के होटल मौर्या में हुई इस बंद कमरे की 20 मिनट की बैठक को बिहार विधानसभा चुनाव (2025) की तैयारी से जोड़ा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के सहयोगी दलों के बीच सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर विस्तृत चर्चा हुई, जो अब तक अटका हुआ मुद्दा था।
बैठक के प्रमुख बिंदु:
- स्थान और समय: अमित शाह के दो दिवसीय बिहार दौरे के दौरान सुबह की यह मुलाकात हुई। शाह पटना पहुंचते ही सबसे पहले नीतीश से मिले, और इसके बाद वे रोहतास के लिए रवाना हो गए।
- चर्चा का फोकस:
- बिहार विधानसभा की 243 सीटों पर एनडीए की रणनीति।
- बीजेपी, जेडीयू (नीतीश की पार्टी), जीतन राम मांझी की HAM, मुकेश साहनी की VIP और चिराग पासवान की LJP (रा) जैसे सहयोगियों के बीच सीट बंटवारा।
- 2020 के चुनाव में बीजेपी को 110, जेडीयू को 69, HAM को 4 और VIP को 4 सीटें मिली थीं। अब फॉर्मूला इसी आधार पर संशोधित करने की बात हो रही है, लेकिन छोटे दलों की मांगों से जटिलता बढ़ गई है।
- राजनीतिक महत्व: यह बैठक शाह की बिहार चुनाव कमान संभालने की कड़ी का हिस्सा है। हाल ही में 3 सितंबर 2025 को दिल्ली में शाह ने बीजेपी नेताओं के साथ सीट शेयरिंग पर मंथन किया था। नीतीश की मौजूदगी में यह फॉर्मूला “सेट” होने की संभावना मजबूत हो गई है।
क्या फॉर्मूला फाइनल हो गया?
- अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन बैठक के बाद एनडीए नेताओं के बीच सकारात्मक संकेत मिले हैं। अमित शाह की रणनीति को देखते हुए, फॉर्मूला जल्द ही अंतिम रूप ले सकता है, खासकर जब चुनाव की तारीखें नजदीक आ रही हैं।
- विपक्ष (महागठबंधन) में भी इसी मुद्दे पर घमासान है, जो एनडीए के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
यह मुलाकात बिहार की सियासत को नई दिशा दे सकती है। अगर फॉर्मूला फाइनल हो गया, तो एनडीए की एकजुटता मजबूत होगी। अधिक अपडेट के लिए आधिकारिक बयानों का इंतजार करें।








