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अब सालार मसूद गाजी दरगाह में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप, BJP ने उठाई SIT जांच की मांग   

अयोध्या राम मंदिर में चंदे में कथित हेरफेर को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच अब बहराइच की सैयद सालार मसूद गाजी दरगाह का मामला भी चर्चा में आ गया है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बहराइच स्थित वक्फ नंबर-19 दरगाह सैयद सालार मसूद गाजी के मामलों की एसआईटी जांच कराने की मांग की है।

पत्र में पिछले करीब 20 वर्षों के दौरान वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं. दरगाह की आय, चढ़ावे, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही पूर्व और वर्तमान पदाधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की अपील भी की गई है।
 

पूर्व जनप्रतिनिधियों की भूमिका की जांच कराने की मांग

 

पत्र में कुछ पूर्व जनप्रतिनिधियों और प्रभावशाली लोगों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग उठाई गई है। वक्फ संपत्तियों के आवंटन, बिक्री और हस्तांतरण की प्रक्रिया की जांच, पुराने खातों और रिकॉर्ड का स्पेशल ऑडिट तथा पुराने चोरी और वित्तीय मामलों की दोबारा समीक्षा की मांग भी शामिल है. दोषी पाए जाने वालों पर एफआईआर और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

 

 

 

चर्चा दरगाह की प्रबंधन समिति का दस्तावेज

 

इस बीच दरगाह की 13 सदस्यीय प्रबंधन समिति का दस्तावेज भी चर्चा में है। समिति में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक यासिर शाह भी सदस्य के रूप में दर्ज हैं। राजनीतिक हलकों में इसे भाजपा की ओर से सपा को घेरने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
दस्तावेज के अनुसार 13 सदस्यीय प्रबंधन समिति के जो सदस्य हैं, उनमें शमशाद अहमद (अधिवक्ता) अध्यक्ष ,बकाउल्लाह  उपाध्यक्ष,  यासिर शाह (विधायक) सदस्य,दिलशाद अहमद (अधिवक्ता) सदस्य, सैयद अली सदस्य, नूर मोहम्मद सदस्य, अब्दुल रहमान उर्फ बच्चेय भारती  सदस्य, मकसूद अहमद राएसेनी सदस्य,मोहम्मद वसीम मेकरानी सदस्य, खालिद नईम (सहायक अध्यापक, पदेन सदस्य) सदस्य, मौलाना मोइनुद्दीन कादरी सदस्य, अजमतुल्लाह सदस्य, शमशाद अली सदस्य हैं।

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