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अखिलेश यादव का आरोप, UP में 19 लाख ‘फर्जी वोटर’? 

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) को लेकर सियासत अपने चरम पर पहुंच गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव आयोग और राज्य सत्तापक्ष पर मतदाता सूची में सुनियोजित तरीके से भारी हेरफेर और ‘वोट चोरी’ का गंभीर आरोप लगाया है। सपा का दावा है कि जहां एक ओर लाखों फर्जी वोटों को जोड़ने के लिए चुनावी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों और बीएलओ (BLO) पर अत्यधिक दबाव के चलते दर्जनों कर्मचारियों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। कन्नौज सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सही वोटर लिस्ट तैयार करने के नाम पर अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच SIR हुआ. इस दौरान नए मतदाताओं को जोड़ने के उद्देश्य से कुल 87 लाख 56 हजार (87.56 लाख) Form-6 भरे गए थे।

उन्होंने कहा कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद 84 लाख 30 हजार नए मतदाताओं के नाम अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल किए गए। सपा नेता के अनुसार यह सवाल तब सामने आया जब चुनाव आयोग (ECI) ने कुल 87.56 लाख फॉर्मों में से केवल 71 लाख 38 हजार (71.38 लाख) आवेदनों का ब्योरा सार्वजनिक किया. सपा नेता का आरोप है कि चुनाव आयोग ने 16 लाख 18 हजार (16.18 लाख) Form-6 आवेदनों की जानकारी छिपा ली और इन्हीं  अनपब्लिश्ड एप्लीकेशन्स के जरिए फर्जी वोटर्स की एंट्री कराई गई है।

 

PDA प्रहरियों के हवाले से अखिलेश का दावा

 

लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान अखिलेश ने बताया कि वोटर लिस्ट में इस गड़बड़ी की पड़ताल के लिए समाजवादी पार्टी ने हर जिले और विधानसभा स्तर पर ‘PDA प्रहरी’ दल को मैदान में उतारा. PDA प्रहरियों की जांच में यह बात सामने आई कि जिन वोटरों के ‘नाम, उम्र और नातेदार का नाम’ हूबहू एक समान थे, उन्हें अलग-अलग बूथों पर फर्जी तरीके से दर्ज किया गया है।  सपा चीफ के अनुसार, PDA प्रहरियों ने 16.18 लाख असार्वजनिक आवेदनों के अलावा 3 लाख अन्य संदिग्ध वोटरों की पहचान की है, जिससे प्रदेश में अब तक कुल 19 लाख 20 हजार 732 (19,20,732) फर्जी वोटरों का पर्दाफाश हुआ है।

इन विधानसभाओं में सपा का चौंकाने वाला दावा-
गाजियाबाद (लोनी): 15,150 फर्जी वोटर
गाजियाबाद (साहिबाबाद): 13,903 फर्जी वोटर
ललितपुर (महरौनी): 12,669 फर्जी वोटर
गौतम बुद्ध नगर (दादरी): 12,556 फर्जी वोटर
ललितपुर (ललितपुर): 12,160 फर्जी वोटर
गाजीपुर (जखनियां): 12,144 फर्जी वोटर
बागपत (छपरौली): 11,574 फर्जी वोटर
गाजियाबाद (मोदीनगर): 10,913 फर्जी वोटर
महाराजगंज (फरेंदा): 10,282 फर्जी वोटर
सहारनपुर नकुड़): 10,272 फर्जी वोटर

 

कम मार्जिन वाली सीटों पर ‘वोट डकैती’ का आरोप

 

उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि जिन सीटों पर 2022 के चुनाव में जीत-हार का अंतर बहुत कम था, वहां आगामी 2027 के चुनावों को प्रभावित करने के लिए हजारों की संख्या में फर्जी नाम जोड़े गए हैं। सपा चीफ के मुताबिक, मुरादाबाद जिले की मुरादाबाद नगर विधानसभा सीट पर 2022 के चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार को 1,48,384 वोट मिले थे, जबकि सपा उम्मीदवार को 1,47,602 वोट मिले थे. बीजेपी ने यह सीट महज 782 वोटों के अंतर से जीती थी। सपा का दावा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जीत तय करने के लिए इस सीट पर 8,373 फर्जी वोटर जोड़ दिए गए हैं। पार्टी ने उदाहरण देते हुए बताया कि संजय कुमार (पिता रामऔतार, उम्र 46 वर्ष) का नाम बूथ संख्या 240 और 256 के तहत मकान संख्या 36-7 और 36/07 पर 3 स्थानों पर दर्ज है. इसी तरह विश्वास नारंग (पिता संदीप नारंग, उम्र 33 वर्ष, मकान संख्या 112) का नाम बूथ संख्या 180 और 181 पर 2 स्थानों पर दर्ज होने का दावा किया गया है. संगीता (पति शुभम पाल, उम्र 24 वर्ष, मकान संख्या 192) का नाम भी बूथ संख्या 369 और 370 पर 2 स्थानों पर दर्ज होने की बात कही गई है।

सहारनपुर जिले की नकुड़ विधानसभा सीट को लेकर भी उन्होंने फर्जी वोटरों का आरोप लगाया है. 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 1,04,114 वोट मिले थे, जबकि सपा को 1,03,799 वोट मिले थे. बीजेपी ने यह सीट केवल 315 वोटों के अंतर से जीती थी. सपा का दावा है कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए इस सीट की मतदाता सूची में 10,272 फर्जी वोटर शामिल किए गए हैं. पार्टी के मुताबिक, समा प्रवीन (पति सलमान, उम्र 31 वर्ष, मकान संख्या 148) के नाम पर बूथ संख्या 197 में अलग-अलग सीरियल नंबर 966, 968 और 969 के साथ 3 सक्रिय कार्ड दर्ज हैं. वहीं, ईशा (पिता मेमपाल, उम्र 19 वर्ष, मकान संख्या 30) के नाम पर बूथ संख्या 351 में 2 सक्रिय डुप्लिकेट कार्ड और मधु (पिता अवनीश कुमार, उम्र 20 वर्ष, मकान संख्या 82) के नाम पर बूथ संख्या 210 में 2 सक्रिय डुप्लिकेट कार्ड होने का दावा किया गया है.

 

UP में 19 लाख ‘फर्जी वोटर’? चुनाव आयोग की वेबसाइट से अखिलेश यादव ने दिखाया डेटा

 

लखनऊ जिले की लखनऊ पूर्व विधानसभा सीट पर सपा चीफ ने एक ही व्यक्ति के नाम पर कई मतदाता पहचान पत्र (EPIC ID) बनाए जाने का मामला उठाया है. पार्टी के अनुसार, अरविंद कुमार (पिता या रिश्तेदार राम कुमार, उम्र 25 वर्ष, मकान संख्या 2) के नाम पर 4 अलग-अलग EPIC ID दर्ज मिलीं. इनमें RXM5015748, RXM5015789, RXM5015839 और RXM5015987 शामिल हैं. इसी तरह गोरखपुर जिले की कैम्पियरगंज विधानसभा सीट पर भी डुप्लिकेट मतदाता पहचान पत्रों का मामला उठाया गया. सपा के मुताबिक, 18 वर्षीय अनुराग (रिश्तेदार संजय, मकान संख्या 42) के नाम पर 6 अलग-अलग EPIC ID पंजीकृत मिलीं. इन पहचान पत्रों के नंबर YPY3467297, YPY3518164, YPY3518255, YPY3518354, YPY3521366 और YPY3523032 बताए गए हैं.

आजमगढ़ जिले की 347 आजमगढ़ विधानसभा सीट को लेकर अखिलेश ने ‘एक व्यक्ति, 10 वोट’ का आरोप लगाया है. पार्टी के मुताबिक, विकास यादव (रिश्तेदार जीबोध यादव, उम्र 19 वर्ष) नाम के एक ही व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग बूथों पर 10 डुप्लिकेट वोट दर्ज पाए गए. इसके साथ ही सपा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान प्रशासनिक कर्मचारियों की मौत का मुद्दा भी उठाया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी ने दावा किया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े तनाव और दबाव के कारण 29 बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) और अन्य कर्मचारियों की मौत हुई है.

 

UP में 19 लाख ‘फर्जी वोटर’? चुनाव आयोग की वेबसाइट से अखिलेश यादव ने दिखाया डेटा

 

 

सपा ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग द्वारा अधिकारियों और बीएलओ (BLO) पर बनाए गए अत्यधिक दबाव, निलंबन और बर्खास्तगी की धमकियों के चलते काम का बोझ जानलेवा साबित हुआ. इस प्रक्रिया के दौरान 29 BLO और सरकारी कर्मचारियों की मौत हुई है.

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