समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का आज (8 अक्टूबर 2025) रामपुर दौरा और आजम खान से मुलाकात रूट को लेकर प्रशासन के साथ विवाद में फंस गई है। सपा ने अखिलेश के प्राइवेट विमान को बरेली एयरपोर्ट पर उतारने का प्लान बनाया था, जहां से वे सुबह करीब 11:15 बजे उतरकर सड़क मार्ग से रामपुर पहुंचने वाले थे। लेकिन प्रशासन ने मुरादाबाद एयरपोर्ट पर विमान उतरवाने का प्रस्ताव दिया है, जिसे सपा ने सिरे से खारिज कर दिया है।
विवाद की मुख्य वजहें:
सपा का रुख: अखिलेश यादव बरेली रूट पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि मुरादाबाद के रास्ते रामपुर जाना उनके कार्यक्रम को प्रभावित करेगा। यह मुलाकात आजम खान की कथित नाराजगी को दूर करने का प्रयास है, जो 23 महीने जेल में बिताने के बाद रिहा होने पर सपा के किसी बड़े नेता के स्वागत न मिलने से खफा बताए जा रहे हैं।
प्रशासन का पक्ष: जिला प्रशासन सुरक्षा और लॉजिस्टिक कारणों से मुरादाबाद रूट सुझा रहा है। रामपुर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है, लेकिन बरेली रूट पर अतिरिक्त जोखिम का हवाला दिया जा रहा है। अगर अखिलेश प्रशासन की बात न मानें, तो उन्हें लखनऊ में ही रोका जा सकता है।
आजम खान का बयान:
आजम खान ने स्पष्ट कहा है कि वे केवल अखिलेश यादव से ही मिलेंगे, किसी और से नहीं। जेल से रिहाई के बाद यह उनकी सपा के किसी बड़े नेता के साथ पहली मुलाकात होगी। आजम ने अखिलेश के दौरे को “सम्मान” बताया है, लेकिन साथ ही शायराना अंदाज में कहा कि “धोखा न दें और न लें, ताली एक हाथ से नहीं बजती।”
राजनीतिक मायने:
यह मुलाकात उत्तर प्रदेश की सियासत में अहम है, खासकर मुस्लिम वोट बैंक को मजबूत करने के लिहाज से। आजम खान का रामपुर में मजबूत आधार है, और उनकी नाराजगी सपा के लिए नुकसानदेह हो सकती है। फिलहाल, सपा और प्रशासन के बीच बातचीत जारी है, लेकिन दौरा रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है। बरेली में भी 15 मिनट का ठहराव प्लान किया गया था, जहां पुलिस अलर्ट पर है।

