आकाश आनंद ने शुरू किया बिहार चुनाव प्रचार, मायावती के आदेश पर बीजेपी-कांग्रेस पर साधा निशाना

बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए प्रचार अभियान का आगाज कर दिया है। यह प्रचार मायावती के स्पष्ट निर्देश पर शुरू किया गया है, जहां उन्होंने आकाश को चुनावी रणनीति, जनसभाओं और यात्राओं की पूरी जिम्मेदारी सौंपी है। बीएसपी ने बिहार की 243 सीटों पर अकेले दम लड़ने का फैसला किया है, और आकाश आनंद को प्रचार का प्रमुख चेहरा बनाया गया है।

प्रचार की शुरुआत: कैमूर से धमाकेदार एंट्री

  • तारीख और जगह: 10 सितंबर 2025 को कैमूर जिले से प्रचार की शुरुआत हुई। आकाश आनंद ने यहां एक जनसभा को संबोधित किया, जो बीएसपी के बिहार अभियान का पहला कदम था।
  • मायावती का रोल: मायावती ने मई 2025 में दिल्ली बैठक में आकाश को चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया और बिहार चुनाव प्रचार की कमान सौंपी। उन्होंने बिहार को तीन जोनों में बांटा: पूर्वांचल, मगध और कोसी-मिथिला, ताकि प्रचार व्यवस्थित हो।

मंच से बीजेपी-कांग्रेस पर तीखा प्रहार

आकाश आनंद ने अपनी पहली ही सभा में बीजेपी और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा:

  • “अब बिहार के बहुजन समाज को कांग्रेस, बीजेपी और उनकी सहयोगी पार्टियों को सत्ता से दूर रखना होगा। ये पार्टियां बहुजनों के हितों का शोषण करती हैं।”
  • बीजेपी को “आतंकवादियों की पार्टी” बताते हुए आकाश ने कहा कि यह दल संविधान बदलने की साजिश रच रही है, जबकि कांग्रेस बेरोजगारी और दलित-वंचितों के खिलाफ साजिशों में शरीक है।
  • आकाश ने बहुजनों से अपील की: “अपने हित के लिए बीएसपी को जिताओ, वरना ये पार्टियां आपको कभी सशक्त नहीं बनने देंगी।”

यह तेवर आकाश के पिछले प्रचारों (जैसे हरियाणा और यूपी में) से मिलते-जुलते हैं, जहां वे कांग्रेस को मुख्य निशाना बनाते हुए बीजेपी पर भी कटाक्ष करते रहे।

पृष्ठभूमि: आकाश आनंद का उतार-चढ़ाव भरा सफर

  • उत्तराधिकारी घोषणा: दिसंबर 2023 में मायावती ने आकाश को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया।
  • विवाद और हटाना: मई 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान विवादित बयानों (बीजेपी पर आक्रामक टिप्पणियां) के कारण मायावती ने उन्हें पदों से हटा दिया।
  • वापसी: जून 2024 में फिर से बहाल किया गया। मार्च 2025 में एक बार फिर हटाए गए, लेकिन सितंबर 2025 तक पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं। हाल ही में आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ को भी पार्टी में वापस लिया गया, जो पार्टी एकता का संकेत है।

राजनीतिक संदर्भ

बीएसपी का यह अभियान बिहार में दलित-मुस्लिम-ओबीसी वोट बैंक को मजबूत करने का प्रयास है। आकाश की युवा अपील और आक्रामक स्टाइल पार्टी को नई ऊर्जा दे रही है, लेकिन चुनौतियां बाकी हैं—पिछले चुनावों में बीएसपी का प्रदर्शन कमजोर रहा। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भी समर्थक आकाश के प्रचार की तारीफ कर रहे हैं, जैसे “जय भीम, बीएसपी जिंदाबाद” वाले पोस्ट।

यह प्रचार बिहार चुनाव (अक्टूबर-नवंबर 2025) के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। अधिक अपडेट के लिए बीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट या सोशल मीडिया चेक करें।

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