एयर इंडिया अहमदाबाद विमान हादसा : सुप्रीम कोर्ट ने पायलट के पिता को दी सांत्वना, केंद्र को जारी किया नोटिस
7 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में एयर इंडिया के विमान हादसे से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें जस्टिस सूर्या कांत और जस्टिस ज्योमलया बाघची की बेंच ने पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल के 91 वर्षीय पिता पुष्कराज सभरवाल से कहा, “आप मन पर बोझ न लें, आपके बेटे की गलती नहीं है”। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में भी पायलट के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया गया है, और इस हादसे के लिए किसी को पायलट को दोषी नहीं ठहराना चाहिए।
हादसे का पृष्ठभूमि
घटना: जून 2025 में गुजरात के अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 (बोइंग ड्रीमलाइनर) टेकऑफ के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
हानि: विमान में सवार 261 लोगों में से 260 की मौत हो गई। यह एक बेहद दुखद हादसा था, जिसमें ईंधन सप्लाई दोनों इंजनों को कटने का प्रारंभिक कारण बताया गया।
जांच: एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट में पायलट सुमीत सभरवाल (जिनके पास 30 साल का बेदाग करियर था) के खिलाफ कोई इशारा नहीं किया गया।
पिता की याचिका
पुष्कराज सभरवाल ने अक्टूबर 2025 में फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) के साथ मिलकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने AAIB की रिपोर्ट पर सवाल उठाए, जिसमें उनके बेटे को हादसे का जिम्मेदार ठहराने का डर जताया गया। पिता का दर्द था कि मृत पायलट अब अपना बचाव नहीं कर सकता, और रिपोर्ट से उनकी छवि खराब हो रही है। उन्होंने स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की।
कोर्ट के निर्देश
कोर्ट ने हादसे को “अत्यंत दुखद” बताया और पिता को सांत्वना दी कि पायलट को कोई दोष नहीं दिया जा रहा।
केंद्र सरकार और डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया।
अगली सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई, लेकिन कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया।

