रात में तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की मुख्य वजह यह है कि दिन में भीषण गर्मी के कारण जमीन और इमारतें बहुत ज्यादा गर्म हो जाती हैं और रात में धीरे-धीरे वही गर्मी हवा में छोड़ती रहती है. इसके अलावा गर्म हवाएं, धूल और बादलों की परत भी गर्मी को बाहर निकलने नहीं देती, जिससे रात में भी तापमान नीचे नहीं आ पाता। दिल्ली जैसे शहरों में कंक्रीट और ट्रैफिक के कारण ‘अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट’ भी रातों को ज्यादा गर्म बना रहा है।
हालत इतनी खराब है कि आईएमडी ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में रेड अलर्ट जारी कर रखा है. जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में येलो अलर्ट है. साथ ही भारतीय मौसम विज्ञान (IMD) के सीनियर वैज्ञानिक डॉ नरेश ने कहा कि दिन और रात में गर्मी का ये हाल कम से कम 7 दिनों तक जारी रहेगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रात में भी गर्मी स्वास्थ्य के लिये गंभीर खतरा है. ऐसे में सबसे ज़्यादा सावधान उन लोगों को होना चाहिए जिन्हें पहले से हाइपर टेंशन, डायबिटीज या अन्य बीमारिया हैं. ऐसे में शरीर और सिर को हमेशा ढक कर बाहर निकलें और समय समय पर पानी और ओआरएस पीते रहें ताकि हीट स्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्या से बच पाएं।
कुल मिलाकर दिन हो या रात, उत्तर भारत इस वक्त भीषण गर्मी की दोहरी मार झेल रहा है। मौसम विभाग ने अगले एक हफ्ते तक राहत की उम्मीद बेहद कम बताई है. ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

