अयोध्या के राम मंदिर में चंदे की रकम गायब होने की चर्चाओं के बीच बहराइच की दरगाह से भी बड़े पैमाने पर वित्तीय हेराफेरी का मामला सामने आ रहा है। बहराइच जिले में स्थित वक्फ नंबर-19 दरगाह सैयद सालार मसूद गाजी दरगाह में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के सामने आने के बाद इसकी विशेष जांच दल (SIT) की जांच की मांग की जा रही है। बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की SIT जांच की मांग की है।
इस पत्र में पिछले करीब 20 वर्षों के दौरान वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। इसमें वक्फ की इंतजामिया कमेटी में आने वाले चढ़ावे, दान और चंदे की राशि की निष्पक्ष जांच करने की मांग की गई है. इसके साथ ही इसमें पूर्व और वर्तमान पदाधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की अपील भी की गई है।
दरगाह के खादिम ने भी की जांच की मांग
दरगाह शरीफ के खादिम मोहम्मद मसूद अली का कहना है कि दरगाह में भारी घोटाला हुआ है इसकी जांच होनी चाहिए। हम सरकार द्वारा कराई जाए कराई जा रही जांच का समर्थन करते हैं। वहीं दरगाह के इलाके के रहने वाले भी मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।
बीजेपी नेता द्वारा लगाए गए आरोपों पर खादिम मसूद अली ने कहा, “जो भी आरोप लगे हैं, वो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. जो भी आरोप लगाए गए हैं, यदि उनमें सच्चाई है तो सबसे पहले दरगाह प्रबंधन को सामने आकर आरोपों का खंडन करना चाहिए. इसके साथ ही आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि आरोपों की सच्चाई सामने आ सके. साल 2005 से 2024 के बीच घोटालों का समय रहा है। दरगाह से वक्फ को लिए जो 7 प्रतिशत राशि जाती है। उसकी जानकारी के लिए मैंने खुद RTI दायर की थी। इस पर बोर्ड ने कहा कि उनके पास इसको लेकर कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है।
बीजेपी नेता द्वारा लगाए गए आरोपों पर खादिम मसूद अली ने कहा, “जो भी आरोप लगे हैं, वो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. जो भी आरोप लगाए गए हैं, यदि उनमें सच्चाई है तो सबसे पहले दरगाह प्रबंधन को सामने आकर आरोपों का खंडन करना चाहिए. इसके साथ ही आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि आरोपों की सच्चाई सामने आ सके. साल 2005 से 2024 के बीच घोटालों का समय रहा है। दरगाह से वक्फ को लिए जो 7 प्रतिशत राशि जाती है। उसकी जानकारी के लिए मैंने खुद RTI दायर की थी। इस पर बोर्ड ने कहा कि उनके पास इसको लेकर कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है।
स्थानीय लोगों ने भी कहा- घोटाला तो हुआ है
वहीं, इस मामले पर दरगाह कमेटी के सदस्य दिलशाद अहमद(एडवोकेट) ने कहा,”जो आरोप हैं, हमारे कमेटी और प्रबंधन में एक आदमी है, जिसके परिवार की दंबगई चल रही है. एक ही आदमी सारे अधिकार रखेगा, अपने परिवार के सदस्यों को रखेगा तो घोटाला तो होगा ही. 15-20 हजार की सैलरी है, लेकिन उनके 15-20 करोड़ के घर हैं, 6-7 करोड़ के ठेके ले रहे हैं. भला 15-50 हजार में कैसे घर बना लिया. जब एक ही परिवार की दंबंगई चलेगी तो घोटाला तो होगा ही।
क्या है राम मंदिर के दान का घोटाला?
बता दें कि अयोध्या के राम मंदिर को मिलने वाले चढ़ावे का मामला भी कई दिनों से चर्चा में है। इस मामले की जांच योगी सरकार द्वारा गठित SIT द्वारा की जा रही है। हालांकि, राम मंदिर ट्र्स्ट ने इन आरोपों से इंकार किया है और कहा है कि दान की नियमित ऑडिट होती है, बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में गिनती होती है. फिलहाल किसी गड़बड़ी की कोई जानकारी नहीं है. हालांकि, इस मामले की सच्चई SIT की जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।

