लखनऊ। बिहार विधानसभा चुनावों के बाद अब उत्तर प्रदेश (यूपी) पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) का पूरा फोकस केंद्रित हो गया है। 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए RSS ने अभी से जमीन पर सक्रियता बढ़ा दी है। सोमवार (1 दिसंबर 2025) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर RSS, BJP संगठन और यूपी सरकार के शीर्ष नेताओं की महत्वपूर्ण समन्वय बैठक हुई, जो देर रात तक चली। इस बैठक में ‘मिशन 2027’ पर विस्तृत मंथन किया गया।
बैठक के प्रमुख बिंदु:
संगठनिक मजबूती पर जोर: BJP के संगठन महामंत्री अरुण कुमार और संगठन महासचिव बीएल संतोष लखनऊ पहुंचे। RSS ने BJP के संगठनिक बदलावों पर फीडबैक दिया, जिसमें कार्यकर्ताओं की निष्क्रियता और SIR (संगठनिक चुनाव प्रक्रिया) में विधायकों-सांसदों की कम रुचि पर नाराजगी जताई गई।
नया प्रदेश अध्यक्ष जल्द: यूपी BJP को एक साल से नया अध्यक्ष मिलने का फैसला लटका हुआ था। बैठक में नए अध्यक्ष के नाम पर सहमति बनी, और इसी सप्ताह ऐलान होने की संभावना है। यह बदलाव संगठन को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकार-संघ तालमेल: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद थे। बैठक में सरकार के कामकाज की समीक्षा हुई, जिसमें बिहार मॉडल (केंद्र में मोदी, राज्य में नीतीश की अगुवाई) को यूपी में लागू करने पर चर्चा हुई। विपक्ष (खासकर SP) पर हमला बोलते हुए कहा गया कि बिहार में विपक्ष का ‘अराजकता का राज’ खत्म हुआ, अब यूपी में भी ऐसा ही होगा।
नया प्रदेश अध्यक्ष जल्द: यूपी BJP को एक साल से नया अध्यक्ष मिलने का फैसला लटका हुआ था। बैठक में नए अध्यक्ष के नाम पर सहमति बनी, और इसी सप्ताह ऐलान होने की संभावना है। यह बदलाव संगठन को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकार-संघ तालमेल: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद थे। बैठक में सरकार के कामकाज की समीक्षा हुई, जिसमें बिहार मॉडल (केंद्र में मोदी, राज्य में नीतीश की अगुवाई) को यूपी में लागू करने पर चर्चा हुई। विपक्ष (खासकर SP) पर हमला बोलते हुए कहा गया कि बिहार में विपक्ष का ‘अराजकता का राज’ खत्म हुआ, अब यूपी में भी ऐसा ही होगा।
RSS की रणनीति: हिंदुत्व कार्ड और हिंदू सम्मेलन
बिहार चुनावों के अनुभव से सीखते हुए RSS ने यूपी में हिंदुत्व एजेंडे को मजबूत करने का प्लान बनाया है। जनवरी में लखनऊ में ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ आयोजित करने की तैयारी है, जिसमें CM योगी को मुख्य अतिथि बनाया जाएगा।
संघ ने योगी सरकार के लिए ‘मास्टर प्लान’ तैयार किया है, जिसमें ग्रासरूट स्तर पर स्वयंसेवकों को सक्रिय करना और BJP कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल बढ़ाना शामिल है। यह बिहार में RSS की सक्रियता (जहां सर्वे में टाइट मुकाबला दिखा) का विस्तार है।
संघ ने योगी सरकार के लिए ‘मास्टर प्लान’ तैयार किया है, जिसमें ग्रासरूट स्तर पर स्वयंसेवकों को सक्रिय करना और BJP कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल बढ़ाना शामिल है। यह बिहार में RSS की सक्रियता (जहां सर्वे में टाइट मुकाबला दिखा) का विस्तार है।
राजनीतिक संकेत
यह बैठक BJP-RSS के बीच बढ़ते तालमेल का प्रतीक है, जो विपक्ष को चिंतित कर रही है। अखिलेश यादव जैसे नेता इसे ‘संघ की साजिश’ बता रहे हैं। हालांकि, BJP का दावा है कि इससे 2027 में ‘मजबूत वापसी’ सुनिश्चित होगी। बिहार के बाद RSS का फोकस यूपी से हटकर पश्चिम बंगाल पर भी शिफ्ट हो रहा है, लेकिन यूपी प्राथमिकता में नंबर वन है।

