मधुबनी | सम्वाददाता।
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार इन दिनों बिहार में “पलायन रोको, नौकरी दो” नारे के साथ पदयात्रा कर रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले उनकी यह यात्रा राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को उनकी यात्रा मधुबनी पहुंची, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में बीजेपी और उद्योगपतियों पर तीखा हमला बोला।
“बिहार के संसाधनों पर उद्योगपतियों की नजर”
कन्हैया कुमार ने आरोप लगाया कि दुनिया में पानी की कमी को देखते हुए बड़े कारोबारी अब बिहार के जल संसाधनों पर कब्जा जमाना चाहते हैं। उन्होंने कहा:
“जब बिहार में औद्योगीकरण होना था, तब नहीं हुआ। अब जब इंडस्ट्री में ऑटोमेशन आ चुका है और लोकल लोगों को रोजगार मिलने की संभावना कम हो गई है, तब यहां छोटे-छोटे उद्योग लगाए जा रहे हैं ताकि बिहार के पानी का दोहन किया जा सके।”
उन्होंने बिहार में बन रही नई सड़कों पर भी सवाल उठाते हुए कहा:
“हमारे पास आय के साधन ही नहीं हैं, तो ये सड़कें आखिर किसके लिए बनाई जा रही हैं? ये सड़कें यहां के संसाधनों को लूटकर ले जाने के लिए बनाई जा रही हैं। प्रधानमंत्री मखाना पर भाषण देकर मस्का मारने आए थे, लेकिन असल मुद्दा यह है कि बिहार के संसाधनों पर उद्योगपतियों की नजर है।”
“बीजेपी का मुख्यमंत्री यानी अडानी का कब्जा”
बीजेपी पर हमला बोलते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि
“भाजपा किसी भी कीमत पर बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनवाना चाहती है। और अगर भाजपा का मुख्यमंत्री बना, तो इसका सीधा मतलब होगा कि बिहार के संसाधन अडानी के हाथ में चले जाएंगे।”
“बढ़ते अपराध पर सरकार को घेरा”
बिहार में बढ़ते अपराध और कानून व्यवस्था पर भी कन्हैया कुमार ने सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि
“बिहार में हत्या, लूट और अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।”
क्या बिहार चुनाव में संसाधनों का मुद्दा बनेगा अहम?
कन्हैया कुमार ने कहा कि अभी वे चुनाव की बात नहीं कर रहे हैं, लेकिन जब चुनाव आएगा, तो इस मुद्दे पर पूरी ताकत से आवाज उठाएंगे। उनकी पदयात्रा का मकसद बिहार से पलायन रोकना और स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने की लड़ाई लड़ना है।
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