चरण सिंह
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने दिल्ली जंतर मंतर पर आंदोलित कॉकरोच जनता पार्टी को ऐसे ही सलाह नहीं दी है। ऐसे ही उन्होने नहीं बोला है कि युद्ध अपने हथियारों से ही जीता जाता है। राकेश टिकैत का मतलब साफ़ है कि छात्र संगठनों, किसान-मजदूर संगठनों और खाप पंचायतों के दम पर सरकार के खिलाफ लड़ाई नहीं जीती जा सकती है। कॉकरोच जनता पार्टी को अपना संगठन मजबूत करना पड़ेगा। जैसे विभिन्न किसान संगठनों में मिलकर संयुक्त किसान मोर्चा बनाया है।
कॉकरोच जनता पार्टी को या तो अपना ही संगठन इतना मजबूत करना होगा जिसके दम पर सरकार से निर्णायक लड़ाई लड़ी जा सके। या फिर विभिन्न संगठनों को साथ लेकर कोई मोर्चा बनाना होगा। पर्चा लीक के नाम पर दिल्ली जंतर मंतर ज्यादा दिनों तक भीड़ जमा नहीं की जा सकती है। भीड़ में कमी आनी शुरू हो चुकी है। जेपी आंदोलन और अन्ना आंदोलन दोनों में बाकायदा टीम का गठन किया गया था। तब जाकर सरकार से दो-दो हाथ हुए थे। जैसे लोकनायक जयप्रकाश और अन्ना हजारे के नाम पर लोग आंदोलन से जुड़े थे। ऐसे ही सोनम वांगचुक के नाम पर लोग आंदोलन से नहीं जुड़ रहे हैं। वामपंथी छात्र संगठनों से मोर्चा संभाल रखा है। आंदोलन के बीच अभिजीत दीपके को देशभर में अपना संगठन भी बना लेना चाहिए।राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला कार्यकारिणी बनाने की तैयारी करनी चाहिए। आंदोलन से ही काफी पदाधिकारी मिल जाएंगे।
प्रख्यात वकील, प्रशांत भूषण, स्वराज इंडिया पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव सरीखे लोगों से मार्गदर्शन लेना चाहिए। किसान संगठनों के नेताओं राकेश टिकैत, गुरुनाम चढूनी, डॉ. सुनीलम, ठाकुर पूरन सिंह समेत दूसरे संगठनों के नेताओं से सम्पर्क साधकर उनसे मदद मांगनी चाहिए। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को बड़ा रूप देकर बदलाव का आंदोलन बनाना होगा। विपक्ष के नेताओं को भी सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके से बात कर आंदोलन को धार देनी चाहिए।

