Site icon Thenews15.in

यमुना की स्वच्छता का संकल्प: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की प्रेरणादायक पहल

ऋषी तिवारी
नई दिल्ली। दिल्ली में यमुना नदी की स्वच्छता और संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा (BJP) ने एक बड़ा और सफल ‘मां यमुना तट स्वच्छता अभियान’ चलाया। यह अभियान, जो कि रविवार आज 14 जून को आयोजित किया गया, दिल्ली के 28 प्रमुख घाटों, तटों और रिवरफ्रंट स्थलों पर आयोजित किया गया, जिसमें मंत्री, सांसद, विधायक और हजारों नागरिक शामिल हुए। इस अभियान का उद्देश्य यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाना, नदी के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और नागरिकों को स्वच्छता का हिस्सा बनाना था। यह अभियान केंद्र, राज्य सरकारों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से आयोजित किया गया, जो नदी की स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

 

 

अभियान का आयोजन और प्रमुख गतिविधियां

 

ज रविवार, 14 जून को ‘एक संकल्प – स्वच्छ यमुना’ के संदेश के साथ इस विशाल स्वच्छता अभियान का शुभारंभ हुआ। इस दिन राजधानी के 28 घाटों पर स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया, जहां मंत्री, सांसद, विधायक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि सक्रिय रूप से भाग लेने पहुंचे। सीएम रेखा गुप्ता ने स्वयं गीता कॉलोनी स्थित ठोकर नंबर-14 घाट पर जाकर स्वच्छता का नेतृत्व किया। उन्होंने हजारों नागरिकों के साथ श्रमदान कर यमुना की सफाई की और नदी को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाने का संकल्प दोहराया।

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि दिल्ली की सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यावरणीय धरोहर है। इसकी स्वच्छता एवं संरक्षण में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।” उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे नदी में कचरा, पूजा सामग्री, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट न डालें और नदी के संरक्षण में अपना योगदान दें।

 

जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की भागीदारी

 

भियान के दौरान, यमुना के विभिन्न घाटों पर सांसदों, केंद्रीय और राज्य मंत्रियों, दिल्ली सरकार के मंत्रियों, विधायकों और गणमान्य नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इन नेताओं ने स्वच्छता गतिविधियों का नेतृत्व किया और लोगों को यमुना संरक्षण के प्रति जागरूक किया। कस्तूरबा नगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक नीरज बसोया ने कहा, “हम सब यमुना की सफाई में जुटे हैं। भाजपा की सरकार बनने के बाद से ही यमुना की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, और आज यह नदी स्वच्छ नजर आ रही है।” इसी क्रम में, कालिंदी गंगा घाट पर सांसद स्वाति मालीवाल ने भी यमुना स्वच्छता अभियान चलाया।

सुबह से ही घाटों पर बड़ी संख्या में नागरिकों ने श्रमदान किया, कचरा साफ किया और नदी तटों को स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया। इस दौरान लोगों को यह भी प्रेरित किया गया कि वे यमुना में कचरा, पूजा सामग्री, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट नहीं डालेंगे। अभियान का उद्देश्य था कि नदी के संरक्षण के लिए समाज में जागरूकता और जिम्मेदारी का संचार किया जाए। इस स्वच्छता अभियान में करीब 500 सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और स्वयंसेवी संगठनों के साथ हजारों स्वयंसेवकों ने भी हिस्सा लिया।

 

सरकार का दृष्टिकोण और भविष्य की योजनाएं

 

दिल्ली सरकार ने इस अभियान को यमुना संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का महत्वपूर्ण कदम बताया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान और पर्यावरण संरक्षण के विजन से प्रेरित होकर दिल्ली सरकार यमुना के पुनरोद्धार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का मानना है कि इस तरह के जागरूकता अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे ताकि नदी को प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके।

इस अभियान का उद्देश्य न केवल नदी की सफाई था, बल्कि यह नागरिकों में यमुना के प्रति जागरूकता और इसकी स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी का संचार भी था। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे ताकि यमुना को स्वच्छ और निर्मल बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सके। इन प्रयासों का परिणाम यह है कि नदी के संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जनता का उत्साह और भागीदारी बढ़ी है, जो नदी के दीर्घकालिक स्वस्थ्य और संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है।

 

 

स्वच्छता अभियान पर मनोज तिवारी ने कहा

 

मनोज तिवारी ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वच्छता अभियान की शुरुआत के साथ जो संदेश दिया गया था, वह आज भी देशभर में जारी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कार्यभार संभालने के बाद राजधानी में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रयासों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। भाजपा सांसद ने बताया कि यमुना नदी की सफाई के लिए वर्तमान में एक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसमें सरकार और प्रशासन सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

Exit mobile version