अयोध्या के राजघाट (सरयू तट, बाटी वाले बाबा घाट के निकट) पर चल रहे श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ (1251 कुंडीय) में शनिवार 28 मार्च 2026 को दोपहर बाद अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई।
घटना का विवरण
यह महायज्ञ 20 मार्च से शुरू हुआ था और आज इसका अंतिम दिन था। यज्ञ स्थल पर 1251 हवन कुंड बनाए गए थे, जिनमें से अधिकांश आग की चपेट में आकर जल गए। आग तेजी से फैली, जिससे पंडाल और आसपास की संरचनाएं प्रभावित हुईं। मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और गोसाईगंज विधायक अभय सिंह सहित कई नेता और हजारों श्रद्धालु मौके पर मौजूद थे।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और गोसाईगंज विधायक अभय सिंह सहित कई नेता और हजारों श्रद्धालु मौके पर मौजूद थे।
राहत कार्य:
फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां (कम से कम 4) तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने तथा रेस्क्यू कार्य में जुट गईं। आग पर काबू पा लिया गया है। अब तक कोई हताहत होने की खबर नहीं है (केवल अफरा-तफरी और संभवतः कुछ मामूली जलन की रिपोर्ट्स)।
कारण:
आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। कुछ रिपोर्ट्स में अज्ञात कारण या यज्ञ की आहुतियों/सामग्री से जुड़ी आशंका जताई जा रही है। जांच चल रही है। यह घटना राम नवमी के आसपास के आयोजन का हिस्सा थी, जिसमें स्वामी जीयर जी महाराज के सानिध्य में वैदिक अनुष्ठान हो रहे थे। स्थानीय प्रशासन और फायर टीम मौके पर सक्रिय है। आगे की अपडेट्स के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें।

