ब्राजील के अमेजन इलाके में स्थित सेरा पेलाडा स्वर्ण खदान के पास एक मजदूर को गड्ढा खोदते हुए लगभग 700 किलो सोना मिला, जिसकी कीमत करीब 914 करोड़ रुपये बताई जा रही है। ये कहानी 65 साल के पूर्व खनिक चिको ओसोरियो की है, जो 1980 के दशक की सोने की होड़ का जीता-जागता सबूत हैं।
क्या हुआ था?
स्थान और घटना: पारा राज्य के एक छोटे से गांव में पुरानी बंद हो चुकी खदान के पास ओसोरियो ने कुछ साथी मजदूरों की मदद से एक गुप्त गड्ढा खोदा। ये गड्ढा 150 मीटर से ज्यादा गहरा था और पानी से भरा हुआ था। खोदाई के दौरान उन्हें इतना सोना हाथ लगा कि उनकी जिंदगी बदल गई।
मूल्य: 24 कैरेट सोने की मौजूदा कीमत के हिसाब से ये 700 किलो सोना करीब 914 करोड़ रुपये का है।
मूल्य: 24 कैरेट सोने की मौजूदा कीमत के हिसाब से ये 700 किलो सोना करीब 914 करोड़ रुपये का है।
ऐतिहासिक बैकग्राउंड
सेरा पेलाडा खदान 1980 के दशक में दुनिया की सबसे बड़ी अनौपचारिक सोने की खदानों में से एक थी। 1982 में रेडियो पर खोज की खबर सुनकर हजारों लोग यहां उमड़ पड़े थे। लोग फावड़ों से पत्थर की थैलियां भरते, खतरनाक ‘अदियोस ममिता’ सीढ़ियों पर चढ़ते-उतरते। लेकिन 1992 में सुरक्षा कारणों से सरकार ने इसे बंद कर दिया। ओसोरियो ने अपनी कमाई बैंक में जमा की, लेकिन बैंक दिवालिया हो गया। अब उनके पास सिर्फ पुरानी मशीनें और ये गड्ढा बाकी है। उन्होंने सोने का कुछ हिस्सा बैंक में रखा, कुछ से दो हवाई जहाज खरीदे और बाकी उपकरणों में लगाया।
आज का हाल
आज खदान एक शांत झील जैसी दिखती है, लेकिन कुछ पूर्व खनिक जैसे ओसोरियो अभी भी छोटे-मोटे खनन में लगे हैं। एक अन्य व्यापारी कार्लोस ऑरेलियो को हर हफ्ते औसतन 200 ग्राम सोने के नगेट्स मिलते हैं। लेकिन ये सब अवैध खनन का हिस्सा है।
पर्यावरण की चिंता
सोने को अलग करने के लिए पारे का बेधड़क इस्तेमाल हो रहा है, जो नदियों और जंगलों को जहरीला बना रहा है। जंगल कट रहे हैं, और अवैध खनन के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई भी जारी है। ये खोज खुशी की तो है, लेकिन पर्यावरण के लिए खतरा भी।







