विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर सीटू गौतम बुद्ध नगर के सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा की ओर से 1947 के भारत विभाजन के दौरान नफरत और हिंसा के कारण अपना घर, परिवार, जमीन और जीवन खोने वाले लाखों निर्दोष लोगों को कोटि-कोटि नमन और विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्री शर्मा ने कहा कि यह दिवस हर साल 14 अगस्त को मनाया जाता है। इसकी घोषणा भारत सरकार ने 2021 में की थी। यह दिन 1947 के विभाजन के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने, उस दौरान हुए संघर्ष और विस्थापन को याद करने और एकता, शांति और सामाजिक सद्भाव का संदेश देने का दिन है।
उन्होंने कहा कि “विभाजन की सबसे बड़ी मार इस देश के मजदूर, किसान और मेहनतकश आम लोगों पर पड़ी थी। ट्रेनों में भर-भर कर आए लोग, उजड़े हुए गांव और बिछड़े हुए परिवार – वो मंजर आज भी दिल दहला देता है। वह दर्दनाक दौर है जिसे इतिहास कभी भुला नहीं सकता।” सीटू की ओर से उन्होंने आह्वान किया कि हमें इस त्रासदी से सबक लेना होगा। आज जब फिर से समाज को बांटने की कोशिशें हो रही हैं, तब हमें संकल्प लेना होगा कि हम राष्ट्र की एकता, अखंडता और भाईचारे को किसी भी कीमत पर टूटने नहीं देंगे। यही उन लाखों पीड़ितों और बलिदानियों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
वो दर्दनाक दौर जिसे इतिहास कभी भुला नहीं सकता: विभाजन विभीषिका में बिछड़े लाखों परिवारों को कोटि-कोटि नमन

