बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों पर हो रहे चुनाव के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की प्रचार सामग्री के साथ 500-500 रुपये के नोटों के बंडल की एक तस्वीर वायरल हो रही है। इस तस्वीर को लेकर बीजेपी ने सवाल उठाए हैं. पार्टी ने चुनाव आयोग से मामले का संज्ञान लेकर जांच कराने की मांग की है, वहीं, जन सुराज ने इसे हार की हताशा में फैलाया जा रहा फर्जी प्रचार बताया है।
वायरल तस्वीर में 500 रुपये के नोटों के बंडल दिखाई दे रहे हैं। इनके साथ जन सुराज के तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समर्थित उम्मीदवार श्याम नंदन कुमार की तस्वीर वाली प्रचार सामग्री भी नजर आ रही है. पर्ची पर प्रशांत किशोर की तस्वीर भी लगी है।
बीजेपी ने चुनाव आयोग से की जांच की मांग
बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने मामले को गंभीर और चिंताजनक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि नकदी के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने चुनाव आयोग से तस्वीरों की प्रामाणिकता, नकदी के स्रोत और इसमें शामिल लोगों की पहचान की जांच कराने की मांग की. दानिश इकबाल ने कहा कि चुनाव में ‘कैश फॉर वोट’ की कोई जगह नहीं होनी चाहिए. निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान जरूरी है।
प्रशांत किशोर पर भी साधा निशाना
दानिश इकबाल ने प्रशांत किशोर के हालिया बयानों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को लेकर दिया गया उनका बयान और शुक्रवार को मतदान होने से संबंधित बयान मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति है.दानिश इकबाल ने प्रशांत किशोर को जंगल राज का नया वर्जन बताते हुए आरोप लगाया कि उनके पास आतंक, भ्रष्टाचार और मुस्लिम तुष्टिकरण तीनों मौजूद हैं।
जन सुराज ने आरोपों को बताया फर्जी हथकंडा
जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वायरल तस्वीर के जरिए पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह बीजेपी और एनडीए की संभावित हार की हताशा को दिखाता है. शिक्षकों के लिए सातवें वेतनमान और स्नातकों के लिए 10 हजार नौकरियों के मुद्दे पर बीजेपी के पास जवाब नहीं है। कुमार सौरभ ने कहा कि जन सुराज सभी 8 सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ रही है और उसे शिक्षकों व स्नातकों का समर्थन मिल रहा है।







