चरण सिंह
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के सर्वोदय इंटर कॉलेज (किशनपुर) में बुनियादी स्कूली सुविधाओं के लिए जेन अल्फा के बच्चों ने मोर्चा क्या खोला कि पुलिस इसे दिल्ली जंतर मंतर से जोड़कर देखने लगी। स्कूल में बुनियादी सुविधाओं के लिए आवाज उठाने वाले अंकुर सोनकर ने कहा है कि पुलिस और एलआईयू के लोग संबंधित छात्रों के घर पर शादी वर्दी में आ रहे हैं और परेशान कर रहे हैं। जानकारी मिल रही है कि स्थिति को संभालने और कड़ियों को जोड़ने के लिए बिना वर्दी के अधिकारी व स्थानीय पुलिस घर-घर व कॉलेज परिसर में पड़ताल कर रही है कि इस छोटे बच्चों के इस अचानक फूटे गुस्से के पीछे कोई बाहरी या जंतर-मंतर का सीधा कनेक्शन तो नहीं है।

भाई समस्या होगी तो आवाज तो उठेगी ही। क्या इस स्कूल के टायलेट गंदे नहीं थे ? क्या स्कूल में पेयजल साफ़ और स्वच्छ मिल रहा था ? क्या स्कूल के पंखे सही थे ?खुद प्रशासन ने समस्या को स्वीकारा है और समाधान करने की भी बात की है। मतलब समस्या थी। समस्या थी तो आवाज तो उठेगी ही। फिर जंतर मंतर से जोड़ने का क्या मतलब ? पहले माहौल ख़राब किया जाता है फिर उपद्रवी बताकर कार्रवाई की जाती है। अब ऐसा नहीं चलेगा। यह देश के युवाओं ने बता दिया है।
दिल्ली जंतर मंतर पर हुए आंदोलन ने देश की राजनीति की दिशा कर दशा बदल कर रख दी है। अब चारों ओर हक़ की आवाज उठ रहे है। मध्य प्रदेश में किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली में किसानों और मजदूरों के सम्मेलन चल रहे हैं। लोकसभा और राज्य सभा दोनों में विपक्ष ने हंगामा कर रखा है। ऐसे में सरकार की हालत ख़राब है। हर क्षेत्र में मनमानी करने वाली सरकार ने हर तंत्र को कब्जाकर यह समझ लिया था कि उनके खिलाफ कहीं से कोई आवाज नहीं उठ सकती है। यह आवाज विपक्ष नहीं बल्कि देश के युवाओं की है। इसे दबाया नहीं जा सकता है। ये विपक्ष के नेता नहीं जिन्हें सीबीआई, ईडी, इनकम टैक्स छापों के नाम से डराया जा सके।
भले ही मौजूदा हालात में युवा विपक्ष के साथ खड़े नजर आ रहे हों पर विपक्ष ने भी कुछ खास नहीं किया है। विपक्ष भी डरा हुआ प्रतीत होता रहा है।
देश में टी तमाम मुद्दे हैं पर विपक्ष में कांग्रेस को छोड़ दिया जाए तो कोई क्षेत्रीय पार्टी सरकार के खिलाफ संघर्ष करने को तैयार नहीं। विपक्ष में बैठी पार्टियां भी तो सत्ता में रही हैं। इन्होंने ने भी कुछ काम नहीं किए हैं। आज की तारीख में युवाओं ने मोर्चा संभाल लिया है। तो काम करना ही होगा। नहीं तो इस्तीफा देने को टी तैयार रहो।
दरअसल उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के सर्वोदय इंटर कॉलेज (किशनपुर) में बुनियादी स्कूली सुविधाओं के लिए जेन अल्फा (Gen Alpha) के बच्चों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए जेन-जी (Gen-Z) आंदोलन से प्रेरित होकर छात्रों ने कक्षाओं में पंखे, शुद्ध पानी और सफाई जैसी मांगों को लेकर मोर्चा खोला, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गए।आंदोलन के मुख्य कारण और मांगेंबुनियादी सुविधाएं: कक्षाओं में बिजली, खराब पंखे और पीने के लिए साफ पानी (RO वाटर) की कमी।
स्वच्छता का अभाव : स्कूलों में गंदे शौचालय और प्रिंसिपल के कथित अभद्र व्यवहार के खिलाफ गुस्सा देखा गया। अवैध वसूली: मार्कशीट और अन्य कागजातों के नाम पर अवैध पैसे वसूलने के आरोप।प्रशासन की कार्रवाई और स्थितिलिखित आश्वासन: जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और जिला प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर छात्रों की मांगें मानीं और जल्द सुधार का भरोसा दिया।पुलिस की आवाजाही: स्थिति को संभालने और कड़ियों को जोड़ने के लिए बिना वर्दी के अधिकारी व स्थानीय पुलिस घर-घर व कॉलेज परिसर में पड़ताल कर रही है कि इस छोटे बच्चों के इस अचानक फूटे गुस्से के पीछे कोई बाहरी या जंतर-मंतर का सीधा कनेक्शन तो नहीं है।






