“10% प्लॉट लेकर रहेंगे, नया भूमि अधिग्रहण कानून लागू कराकर रहेंगे”
ग्रेटर नोएडा। किसान संघर्ष मोर्चा के घटक संगठनों—किसान सभा, किसान एकता संघ एवं किसान परिषद—ने आज स्वर्ण नगरी स्थित प्रेस क्लब में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर 17 जुलाई को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर विशाल किसान महापंचायत और आंदोलन का ऐलान किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि वर्ष 2023 और 2024 में किसान लगातार आंदोलन करते रहे, जेल गए और दमन झेला। हर बार प्राधिकरण और प्रशासन ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिखित और मौखिक आश्वासन दिए। राजस्व परिषद के अध्यक्ष की अध्यक्षता में हाई पावर कमेटी बनी और उसकी सिफारिशों को लागू करने के लिए प्रमुख सचिव औद्योगिक की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई। स्वयं माननीय मुख्यमंत्री ने 6 जनवरी 2025 को किसान संघर्ष मोर्चा के नेताओं से वार्ता में सर्किल रेट के रिवीजन और आबादी मामलों के तत्काल निस्तारण का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक किसी भी प्रमुख मुद्दे का समाधान नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा में 854 आबादी प्रकरण, नोएडा में लगभग 3800 और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में करीब 800 आबादी प्रकरण लंबित हैं। एक लाख से अधिक किसान 10% विकसित प्लॉट के अधिकार से वंचित हैं। स्थिति यह है कि एक ही खसरे में एक हिस्सेदार को 10% प्लॉट दिया गया और दूसरे को वंचित कर दिया गया। डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि 2023 के ऐतिहासिक किसान आंदोलन के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 133वीं बोर्ड बैठक में 10% विकसित प्लॉट दिए जाने का प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजा जा चुका है। नोएडा और यमुना प्राधिकरण से भी इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। अब गेंद शासन के पाले में है। सरकार प्रस्ताव को तत्काल मंजूरी दे।
किसान एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान ने कहा कि किसानों में भारी रोष है। सरकार ने समस्याओं का समाधान करने के बजाय किसानों को दबाने, फर्जी मुकदमे दर्ज करने और पुलिस के बल पर आंदोलन कुचलने की कोशिश की है। पुलिस किसानों को डराने, धमकाने, लाठी चलाने और जेल भेजने का काम कर रही है। उन्होंने कहा, “पूरा शहर किसानों की जमीन पर खड़ा है, लेकिन किसान ही अपने अधिकारों से वंचित हैं। यह अन्याय अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि किसानों के सवालों पर पूरी तरह निष्क्रिय हैं। किसानों के 10% प्लॉट के मुद्दे को मुख्यमंत्री के सामने मजबूती से नहीं रखा जाता। हवाई अड्डे के लिए सस्ती दर्पण जमीन लेने के मकसद से सर्किल रेट का वास्तविक रिवीजन तक नहीं होने दिया गया। जेवर विधायक ने किसने की नुमाइंदा की करने के बजाय पूंजी पत्तियों और हवाई अड्डे के निर्माण करने वाली कंपनी की नुमाइंदगी की है। जनप्रतिनिधि मामूली 100–200 रुपये की बढ़ोतरी पर मुख्यमंत्री को फर्जी बधाई दिलाने के लिए किसानों को बहला-फुसलाकर ले जाया जाता है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में एक्सप्रेसवे एवं विकास परियोजनाओं के लिए 6,000 से 8,000 रुपये प्रति वर्गमीटर तक की दर से जमीन ली जा रही है, जबकि गौतमबुद्ध नगर में जमीन का बाजार भाव एक लाख रुपये प्रति वर्गमीटर तक होने के बावजूद किसानों की जमीन लगभग 4,000 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर पर ली जा रही है। यह किसानों के साथ खुली लूट है। किसान एकता संघ के प्रदेश प्रवक्ता उम्मेद एडवोकेट ने कहा कि 17 जुलाई से किसान संघर्ष मोर्चा निर्णायक आंदोलन की शुरुआत कर रहा है। महापंचायत में 10 हजार से अधिक किसानों के जुटने की संभावना है। सभी किसान संगठनों, विपक्षी दलों और उनके नेताओं को भी महापंचायत में आमंत्रित किया गया है।
किसान सभा के महासचिव संदीप भाटी ने कहा कि किसान संघर्ष मोर्चा अपने मुद्दों और किसानों के अधिकारों के प्रति पूरी तरह वचनबद्ध है। वर्ष 2023 से मोर्चा नया भूमि अधिग्रहण कानून लागू करने, आबादी प्रकरणों के निस्तारण और 10% विकसित प्लॉट के सवाल पर लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसान संघर्ष मोर्चा के आंदोलन के परिणामस्वरूप 10% विकसित प्लॉट का प्रस्ताव प्राधिकरण बोर्ड से पारित होकर शासन की मंजूरी के लिए पहुंच चुका है। 17 जुलाई का आंदोलन स्पष्ट मांग के साथ है—शासन अपने स्तर पर लंबित 10% प्लॉट के प्रस्ताव को तत्काल मंजूरी देकर प्राधिकरण को वापस भेजे।
किसान संघर्ष मोर्चा ने ऐलान किया—
“10% प्लॉट लेकर रहेंगे!”
“नया भूमि अधिग्रहण कानून लागू करो!”
“आबादी प्रकरणों का तत्काल निस्तारण करो!”
“17 जुलाई—ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण चलो!”
“लड़ेंगे—जीतेंगे!”
आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान एकता संघ के प्रदेश अध्यक्ष दुर्गेश शर्मा, प्रमोद शर्मा, किसान सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राज्यपाल भाटी, जिला सचिव बुधपाल यादव, जिला सचिव भोजराज रावल, जिला सचिव अशोक भाटी सहित विभिन्न किसान संगठनों के दर्जनों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।







