बिना साक्ष्य के शिकायत पर BNS की धारा 143(4) जैसी गंभीर धाराएं लगाना अनुचित
डॉ सुनीलम
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, अल्पसंख्यक आयोग एवं राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को शिकायत भेजेंगे डॉ. सुनीलम
किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सुनीलम ने कटनी रेलवे स्टेशन पर अररिया के 167 बच्चों को परसों शाम रिजर्वेशन होने के बावजूद उतारे जाने, उन बच्चों को अररिया से लातूर ( महाराष्ट्र) पटना पुणे एक्सप्रेस से ले जा रहे आठ शिक्षकों पर BNS की धारा (143)4 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध करने की कार्यवाही को समुदाय विशेष को प्रताड़ित करने, लांछित करने, समाज की नजर में संदिग्ध बनाने के उद्देश्य से की गई कार्यवाही बताते हुए कहा कि शिकायतकर्ता बाल कल्याण समिति के दुर्गेश मरैया द्वारा बच्चों से अवैध रूप से काम कराने, घेर कर ट्रेन में बैठाने, बच्चों के अंगों को खरीदने- बेचने या यौन शोषण के कोई प्रमाण नहीं दिए गए थे, इसके बावजूद भी आरपीएफ कटनी, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बच्चों को परेशान करने तथा शिक्षकों पर मामला दर्ज करने की कार्यवाही की गई।
डॉ सुनीलम ने कहा कि उन्हें बिहार के जन जागरण शक्ति संगठन के नेता आशीष रंजन द्वारा यह जानकारी दी गई कि संगठन की कार्यकर्ता
बीबी अंजुम, ग्राम कुंडीलपुर, प्रखंड नरपतगंज, जिला अररिया ने उन्हें वीडियो भेज कर यह जानकारी दी कि 15 बच्चे उनके टोले के हैं तथा वे पहले से ही लातूर के मदरसे में पढ़ रहे हैं।
मैंने कटनी एस पी और कलेक्टर से बातचीत करने की कोशिश की। एसपी ने फोन नहीं उठाया, कलेक्टर ने फोन उठाकर कहा कि वे मीटिंग में है।
डॉ सुनीलम ने कहा कि बच्चों को उतारने की बजाय बच्चों के माता-पिता के फोन नंबर लेकर पुलिस अधीक्षक अररिया और जिलाधीश अररिया के माध्यम से बच्चों के माता-पिता से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात की जा सकती थी तथा महाराष्ट्र पुलिस से मदरसे संबंधित समुचित जानकारी प्राप्त की जा सकती थी।
डॉ सुनीलम ने कहा कि बच्चों से मुगलसराय और सतना स्टेशन पर पूछताछ की गई थी लेकिन शिक्षकों के पास उपलब्ध कागजातों के आधार पर उन्हें छोड़ दिया गया था।
प्रेसनोट जारी होने तक जिलाधीश से बातचीत नहीं हो सकी है।
डॉ सुनीलम ने कहा कि कटनी के पत्रकारों ने जिस तत्परता से कवरेज कर जनता तक सही तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाने का काम किया है उसकी सराहना की जानी चाहिए।
डॉ सुनीलम ने बताया कि किसान संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ ए के खान ने अधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराई।
डॉ सुनीलम ने कहा कि है यह बच्चों से जुड़ा मामला है इसे सांप्रदायिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
डॉ सुनीलम ने बच्चों के साथ यात्रा कर रही महिला को महिला सुधार ग्रह भेजे जाने पर भी प्रश्न उठाया है।
डॉ सुनीलम ने बताया कि वे पूरी घटना की जांच करने के लिए राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, अल्पसंख्यक आयोग और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग तथा मुख्यमंत्री को पत्र लिख रहे हैं।






