आजम खान की दुर्दशा के लिए बीजेपी जिम्मेदार या सपा या फिर उनके कर्म ?

चरण सिंह

 

गांव में कहावत है कि जब आता है समय का फेर तो मकड़ी के जाल में फंसते देखे हैं शेर। यह कहावत सपा के कद्दावर नेता आजम खान पर फिट बैठ रही है। इस समय यह प्रश्न उभर कर सामने आ रहा है कि आजम खान की दुर्दशा के लिए कौन जिम्मेदार है ? बीजेपी-सपा या फिर उनके कर्म ? क्या इससे इनकार किया जा सकता है कि आजम खान उस रामपुर रियासत से टकराए जिसने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम को कुचलने में अहम भूमिका निभाई थी। क्या इससे इनकार किया जा सकता है कि आजम खान इमरजेंसी में लंबे समय तक जेल में बंद रहे, उन्हें तमाम यातनाएं दी गई पर वह अपने पथ से नहीं डिगे। क्या इससे इनकार किया जा सकता है कि हालात कुछ भी रहे हों पर आजम खान सोशलिस्ट विचारधारा पर काम करते रहे।
इसमें दो राय नहीं कि वह कुछ ज्यादा ही खरा बोलते रहे हैं। यदि उन्हें सजा हुई है तो उन्होंने कुछ गलत किया है। पर देश में न जाने कितने नेता हैं जिन पर आजम खान से भी बड़े बड़े आरोप हैं। उनको सजा क्यों नहीं मिलती ? दो पैन कार्ड के मामले में एमपी एमएलए कोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को 7 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट के फैसले पर तो कोई टिप्प्पणी नहीं की जा सकती है पर बताया तो यह भी जा रहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के पास भी दो पेन कार्ड हैं।
दिलचस्प बात यह है कि सपा मुखिया अखिलेश यादव पीडीए का राग अलापते रहते हैं पर अपनी पार्टी के फाउंडर मेंबर और कद्दावर नेता आजम खान के लिए लड़ नहीं पा रहे हैं। यह भी अपने आप में दिलचस्प है कि खुद सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने आजम खान के पक्ष में कार्यकर्ताओं को सड़कों को उतरने के लिए कहा था। इसके बावजूद आजम खान के पक्ष में सपा सड़कों पर न उत्तर सकी। या तो अखिलेश यादव को आजम खान को गलत करार देते हुए पार्टी से निकाल देना चाहिए था नहीं तो आजम खान के पक्ष में आवाज बुलंद करनी चाहिए थी। वैसे भी सपा उत्तर प्रदेश में मुख्य विपक्षी पार्टी है पर जनहित के किसी मुद्दे पर बड़ा आंदोलन नहीं कर पा रही है।
दरअसल बीजेपी नेता एवं वर्तमान में शहर विधायक आकाश सक्सेना ने 2019 में सिविल लाइंस थाने में अब्दुल्ला आजम के खिलाफ केस दर्ज कराया था, जिसमें आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम ने दो अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्रों से दो पैन कार्ड बनवाए हैं। आरोप है कि सपा नेता आजम खां के इशारे पर दोनों ही पैन कार्ड का अब्दुल्ला ने समय समय पर इस्तेमाल भी किया है। इस केस का ट्रायल एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा था, जहां दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी हो चुकी थी. आज इस मामले में अदालत को अपना फैसला सुनाना था, इसके लिए आजम खान और अब्दुल्ला आजम दोनों को तलब किया था।

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