बागपत ट्रिपल मर्डर केस: पूरा मामला और पुलिस की कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के गांगनौली गांव में 12 अक्टूबर 2025 को एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जब स्थानीय मस्जिद में मुफ्ती इब्राहिम की पत्नी इसराना और उनकी दो बेटियों सोफिया व सुमइया की चाकू से हत्या कर दी गई। मुफ्ती इब्राहिम उस समय देवबंद में थे, और मस्जिद में कुरान की तालीम देने वाले दो नाबालिग छात्रों ने इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस का दावा है कि छात्रों का मन पढ़ाई से भटक गया था, और मुफ्ती व उनकी पत्नी की सख्ती (पिटाई) से नाराज होकर उन्होंने बदला लिया।

केस का खुलासा कैसे हुआ?

पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही छापेमारी शुरू की और मात्र 6 घंटों में दोनों नाबालिगों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों छात्र मस्जिद में ही कुरान सीखते थे। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। हालांकि, मृतका इसराना के भाई (जो खुद मुफ्ती हैं) ने पुलिस के इस थ्योरी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नाबालिग अकेले इतना जघन्य अपराध कैसे कर सकते हैं, और इसमें कोई बड़ी साजिश हो सकती है।

प्रदर्शन और पुलिस पर हमला

हत्या के बाद मस्जिद के बाहर सैकड़ों ग्रामीण इकट्ठा हो गए। जब पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाने का प्रयास किया, तो भीड़ ने करीब दो घंटे तक विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, वर्दी-बैज फाड़े, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। महिलाएं और युवक भी इस उपद्रव में शामिल थे। वीडियो फुटेज से घटना की पुष्टि हुई, और भारी फोर्स तैनात कर भीड़ को नियंत्रित किया गया।

पुलिस का बड़ा एक्शन: FIR की डिटेल्स

इस उपद्रव के खिलाफ बागपत के दोघट थाने में रविवार रात को एसआई प्रांशु राजपूत की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। कुल 89 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ, जिसमें 29 नामजद (महिलाओं समेत) और 60 अज्ञात शामिल हैं। नामजद आरोपियों में समाजवादी पार्टी (सपा) के छपरौली विधानसभा अध्यक्ष सुरेंद्र उर्फ सुन्दर, उमर, कय्यूम, शाकिर (पुत्र बाबू), शमीम, शाकिर (पुत्र सगीर), दानिश, नसीम, अलताफ, साबिर, मेहरूद्दीन, आबिद, समीर, जमशेद, तामिल, भूरा, शब्बीर, मोमीन, अलीशेर, शब्बीरी आदि के नाम हैं। 10 महिलाओं को भी नामजद किया गया: मोहिनी, सानिया, शहनाज, नफीशा, शहजादी, सुमैय्या, रूबीना, मुन्नी, रूकसाना।

आरोपों में पुलिस पर हमला, वर्दी फाड़ना, सरकारी संपत्ति को नुकसान, पथराव, जाम लगाना और माहौल खराब करने की साजिश शामिल हैं। जांच अधिकारी सूर्यदीप सिंह ने बताया कि सभी आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारियां होंगी।

मुफ्ती का दर्द

मामले के बाद मुफ्ती इब्राहिम ने मस्जिद छोड़ दी। उन्होंने कहा, “मेरी पूरी दुनिया उजड़ गई, अब यहां क्या करूं?” उनका पूरा परिवार खत्म हो गया, और वे गांव से पलायन कर चुके हैं।

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