आजम खान ने अखिलेश यादव के लिए रखी सख्त शर्तें: ‘अकेले आओ, परिवार से नहीं मिलोगे’

उत्तर प्रदेश की राजनीति में मंगलवार (8 अक्टूबर 2025) को एक बड़ा ड्रामा देखने को मिला, जब समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान ने पार्टी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के रामपुर दौरे से पहले मुलाकात की सख्त शर्तें रख दीं। आजम खान, जो पिछले महीने जेल से रिहा हुए हैं, ने स्पष्ट कहा कि अगर अखिलेश उनसे मिलना चाहते हैं, तो उन्हें अकेले आना होगा – उनकी सिक्योरिटी के अलावा कोई अन्य नेता या व्यक्ति उनके घर में प्रवेश नहीं करेगा। साथ ही, आजम ने जोर देकर कहा कि उनका परिवार अखिलेश से बिल्कुल नहीं मिलेगा। न उनकी पत्नी तंजीन फातिमा मिलेंगी, न बेटा अब्दुल्लाह आजम।

 

आजम खान के बयान और उद्धरण

 

आजम खान का यह बयान एक हालिया इंटरव्यू में सामने आया, जिसमें उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की। उनके प्रमुख उद्धरण इस प्रकार हैं:

“न मेरी पत्नी मिलेगी, न मेरा बेटा अब्दुल्लाह मिलेगा। अखिलेश यादव के साथ भी उनकी सिक्योरिटी के अलावा कोई अन्य नेता या व्यक्ति मेरे घर में न आए।”
“अखिलेश यादव का अधिकार सिर्फ मुझपर है। ईद के दिन मेरी पत्नी घर में अकेली रोती रही। किसी ने न ही फोन किया और न तो कोई मिलने ही आया। तो अब क्यों आएंगे? अखिलेश यादव के अलावा अब मैं किसी से नहीं मिलना चाहता।”

आजम ने यह भी बताया कि अखिलेश से उनकी कोई फोन पर बात नहीं हुई, क्योंकि उनके फोन बंद थे। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश मिलने आते हैं, तो यह उनका सम्मान होगा, लेकिन शर्तें पालन करनी होंगी।

 

पृष्ठभूमि: जेल से रिहाई के बाद की नाराजगी

 

आजम खान लंबे समय से विभिन्न मामलों में जेल में थे और सितंबर 2025 में जमानत पर रिहा हुए। रिहाई के बाद सपा का कोई बड़ा नेता उनसे मिलने नहीं पहुंचा, हालांकि कुछ सांसद और विधायक मिले। उनकी नाराजगी का मुख्य कारण ईद का दिन है, जब उनकी पत्नी तंजीन फातिमा घर पर अकेली रोईं और पार्टी से किसी ने संपर्क नहीं किया। आजम का मानना है कि जेल में रहते हुए पार्टी ने उनके परिवार को अकेला छोड़ दिया। अब अखिलेश का रामपुर दौरा पार्टी की एकजुटता बहाल करने का प्रयास माना जा रहा है, लेकिन आजम की शर्तों ने इसे और जटिल बना दिया है।

 

राजनीतिक प्रभाव

 

यह घटना सपा के अंदर तनाव को उजागर कर रही है। आजम खान जैसे प्रभावशाली मुस्लिम नेता की नाराजगी पार्टी की उत्तर प्रदेश में एकजुटता पर सवाल खड़े कर सकती है, खासकर आगामी चुनावों को देखते हुए। सोशल मीडिया पर भी यह चर्चा का विषय बन गया है, जहां लोग आजम की शर्तों को ‘तेवर’ बता रहे हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

प्रमुख बिंदुविवरणमुलाकात की तारीख8 अक्टूबर 2025 (आज)स्थानरामपुर, आजम खान का घरशर्त 1अखिलेश अकेले आएं (सिक्योरिटी सहित)शर्त 2परिवार (पत्नी/बेटा) से कोई मुलाकात नहींशर्त 3कोई अन्य सपा नेता घर में प्रवेश न करेनाराजगी का कारणजेल में अकेलापन, ईद पर परिवार की उपेक्षा

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