बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने हाल ही में एक बार फिर स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी किसी भी अन्य राजनीतिक दल या गठबंधन के साथ नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 5 अगस्त 2025 को पोस्ट करते हुए कहा कि बसपा न तो बीजेपी के एनडीए गठबंधन के साथ है, न ही कांग्रेस के इंडिया गठबंधन के साथ, और न ही किसी अन्य जातिवादी गठबंधन के साथ। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने और किसी भी भ्रामक प्रचार से बचने की अपील की।
मायावती का यह बयान उनकी उस रणनीति को दर्शाता है, जिसमें वे बसपा को स्वतंत्र रूप से मजबूत करने और अपने परंपरागत वोट बैंक, खासकर दलित और अन्य पिछड़े वर्गों, को एकजुट करने पर जोर दे रही हैं। यह बयान 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की रणनीति को और स्पष्ट करता है, जिसमें वे अकेले दम पर चुनाव लड़ने की बात कह चुकी हैं।
उन्होंने पहले भी गठबंधनों, विशेष रूप से समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के साथ अपने अनुभवों को लेकर नाराजगी जताई है, जैसे कि 1995 के गेस्ट हाउस कांड और 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन टूटने का जिक्र। मायावती ने कार्यकर्ताओं से जातिवादी पार्टियों के खिलाफ एकजुट रहने और बसपा को मजबूत करने का आह्वान किया है।








