ग्यारह वर्ष के श्रेयांस को शब्द सृजन सम्मान से सम्मानित किया गया।अमेरिका के न्यूजर्सी स्टेट में भारतीय मूल के श्रेयांस का जन्म अमेरिका में ही हुआ है। उनके माता-पिता पिता वहां के नागरिक हैं।

श्रेयांस में स्वर और सुर साधना की रुचि देखते हुए उन्हें संगीत की शिक्षा दी जा रही है।और वह अपने शब्दों को भी आकार देने में सक्षम हैं। नारायणी साहित्य अकादमी की राष्ट्रीय अध्यक्षा का प्रवास इस सप्ताह अमेरिका में रहा। भारतीय समिति के निर्णय से चयनित बाल कलाकार, सुर स्वर सृजनकार श्रेयांस को सम्मानित करते हुए अकादमी के सभी साहित्यकार, पदाधिकारी गण गौरवान्वित महसूस करते हैं। वहां उपस्थित कविता भार्गव जो अमेरिका में हैं और नारायणी साहित्य अकादमी की प्रवक्ता के पद पर हैं। श्रेयांस को इन दोनों मातृशक्ति ने उनके आवास पर जाकर सम्मानित किया।
साथ ही एक सफल काव्य गोष्ठी का आयोजन भी वहां के लोगों ने किया। जिसमें शोभा सिंह, रंजीत सिंह, संजीव सिंह, स्वाति सिंह अदिति एवं सपना आदि की गरिमामय उपस्थिति रही। साथ ही अकादमी की राष्ट्रीय अध्यक्षा डा.पुष्पा सिंह विसेन को आदरणीय शेर बहादुर सिंह एवं इंद्रजीत शर्मा जी ने अंतरराष्ट्रीय हिंदी समिति द्वारा सम्मानित किया गया। और पुस्तकें भेंट किया गया। अखिल विश्व हिंदी समिति के अध्यक्ष आदरणीय विजय मेहता जी के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में साहित्य चर्चा के साथ साथ स्वादिष्ट भोजन एवं मिष्ठान का आनंद सभी लोगों ने लिया। विजय मेहता जी ने अपनी पुस्तक भिक्षुणी और चंद्रगुप्त मौर्य दोनों महाकाव्य पुष्पा सिंह विसेन को भेंट किया ।युवा जितेन्द्र शर्मा अपनी धर्म पत्नी के साथ सभी का सम्मान सत्कार करने के साथ साथ भारतीय अतिथियों को सुविधाजनक यात्रा के दौरान मेल मिलाप के साथ हिंदू सेंटर में पूजा अर्चना और आरती में सम्मिलित होने का श्रेय लिए।अति हंसमुख और मिलनसार प्रवृत्ति के जितेंद्र अपने निवास पर रात्रि भोजन के साथ साथ अपने माता-पिता के हस्त कमलों से अतिथियों को उपहार में स्वर्ण भी गिफ्ट किए। बिहार झारखंड की बजाना संस्था ने भी डा.पुष्पा सिंह का सम्मान शाल और स्मृति चिन्ह देकर किया।






